प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर एआईएमआईएम के जिला अध्यक्ष ने तहसीलदार को दिया ज्ञापन

प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर एआईएमआईएम के जिला अध्यक्ष ने तहसीलदार को दिया ज्ञापन

उत्तर प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर एआईएमआईएम ने प्रदेश की महामहिम राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जनपद रामपुर की तहसील टांडा के तहसीलदार को दिया 

प्रदेश में गिरती कानून व्यवस्था के खिलाफ एआईएमआईएम ने दिया ज्ञापन

रामपुर।

ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन ने पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की गई विवादित टिप्पणी और उसके बाद सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन तहसील में तहसीलदार राकेश कुमार चंद्रा को सौंपा।

        प्रदेश की महामहिम राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार राकेश कुमार को सौपते हुए कहा गया कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी समेत विभिन्न पदाधिकारियों पर दर्ज किए गए फर्जी मामलों की जांच उच्च न्यायालय द्वारा गठित एसआईटी के माध्यम से कराई जाय, दिए ज्ञापन में पार्टी जिला फ़रीदुज़्ज़फर रहमानी ने कहा कि एआईएमआईएम भारतीय संविधान और लोकतंत्र पर अटूट विश्वास रखती है। पार्टी किसी भी प्रकार के हिंसात्मक, असंवैधानिक कृतियों का ना तो समर्थन करती है और ना ही उन्हें प्रोत्साहन देती है। फिर भी पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता से विपक्षी दल बौखलाए हुए हैं और एक षड्यंत्र के तहत पार्टी पदाधिकारियों को फर्जी मुकदमों में फंसाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है। पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब पर अमर्यादित और अक्षम्य टिप्पणी करने वाली नूपुर शर्मा और नवीन जिंदल आज तक गिरफ्तार नहीं किए गए। जिससे लोगों में रोष व्याप्त है। ठीक इसी के विपरीत कानपुर में हुई हिंसा में वर्ग विशेष के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि कई जगह की घटनाओं में ऐसे दृश्य देखने को मिले हैं जिसमें पुलिस बल स्वयं पत्थर चला रही है और पुलिस के साथ अराजक भीड़ भी पत्थर चलाते देखी गई। जो किसी भी कानून के सम्मत नहीं है। प्रयागराज में बिना किसी सबूत के पार्टी पदाधिकारियों को हिंसा का जिम्मेदार ठहराते हुए जिला अध्यक्ष शाह आलम और अन्य कार्यकर्ताओं को फंसाने का अशोभनीय कृत्य किया गया। इसी तरह जिस व्यक्ति को मास्टरमाइंड बता कर बुलडोजर से मकान को ध्वस्त किया गया है वह मकान उस व्यक्ति के नाम ही नहीं था। जिला अध्यक्ष ने कहा कि शासन की बुलडोजर नीति का इस देश और प्रदेश की न्यायिक कार्रवाई के ऊपर हावी होना संवैधानिक, लोकतांत्रिक और न्याय व्यवस्था के लिए स्वस्थ नहीं है। इसे तत्काल रोका जाना चाहिए। पार्टी पदाधिकारियों ने उक्त मामलों की उच्च न्यायालय द्वारा गठित कमेटी और यूपी सरकार की उच्च स्तरीय एसआईटी टीम के माध्यम से कराए जाने की मांग की। साथ ही राज्यपाल से मांग की है कि सरकार को निर्देशित करें कि भारतीय संविधान में प्रदत्त प्रावधानों के अनुरूप प्रदेश सरकार संचालन करें जिससे उत्तर प्रदेश के लोगों को उनके मूल अधिकारों के तहत रोटी कपड़ा और मकान शिक्षा रोजगार और स्वास्थ्य विद्युत जल और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। इस अवसर पर  बाबू खान साहब, हाजी अब्दुल सलाम, मोहम्मद तय्यब, हाफिज शकील अहमद, राहत अली, मोहम्मद रईस पहलवान, मोहम्मद इस्लाम, अशरफ मामू, इर्तेफाउर रहमान आदि उपस्थित रहे।