G.N.M. के छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ का आरोप ... 7 दिन में ही कैसे जारी हो गया रिजल्ट यूनियन ... दोषियों पर कार्यवाही नहीं होने पर करेंगे आंदोलन....

G.N.M. के छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ का आरोप ... 7 दिन में ही कैसे जारी हो गया रिजल्ट यूनियन ... दोषियों पर कार्यवाही नहीं होने पर करेंगे आंदोलन....

रायपुर - छत्तीसगढ़ नर्सेस काउंसिल के द्वारा जारी जी.एन.एम द्वितीय और तृतीय वर्ष के परीक्षा परिणाम विवादों में घिरता जा रहा है। फिर से मुल्यांकन कर रिजल्ट जारी करने की मांग उठने लगी है। छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस जोगी नर्सिंग संगठन और  छग प्रदेश स्वास्थ्य नर्सिंग संगठन ने इसमें लापरवाही का आरोप लगाते हुए राज्यपाल से शिकायत की है। साथ ही रिजल्ट पर स्टे लगवाने के लिए कोर्ट में अपील करने की बात कही। वहीं दोषियों के ऊपर कार्यवाही नहीं होने पर  आंदोलन की भी चेतावनी दी।

13 अक्टूबर हुआ था प्रैक्टिकल एग्जाम तो इतना जल्दी रिजल्ट कैसे

छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस जोगी नर्सिंग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष का कहना है कि, छत्तीसगढ़ नर्सेज काउंसिल के द्वारा की जा रही लापरवाही के खिलाफ आज नर्सिंग यूनियन ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा है। जनरल नर्सिंग मिडवाइफरी (GNM) प्रथम और द्वितीय वर्ष के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर हड़बड़ी में गड़बड़ी कर रिजल्ट जारी किया गया है। संगठन का कहना है कि, 13 अक्टूबर को दिशा कॉलेज रायपुर में प्रैक्टिकल खत्म हुआ। शाम 5ः00 तक पचेड़ा स्थित दिशा कॉलेज जो रायपुर शहर से 20 किलोमीटर दूर है वहां सेंटर दिया गया। ताकि वहां लेनदेन कर ऐसे बच्चों को पास किया जाए जो मोटी रकम दे पाए। बाकी बच्चों को फेल कर दिया गया।

जोगी कांग्रेस नर्सिंग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष योगेंद्र देवांगन ने कहा कि, इस परीक्षा के लिए जिन्होंने पैसे दिए वह बच्चे तो निष्पक्ष रूप से पास हो गए। द्वितीय वर्ष और तृतीय वर्ष में 27 अक्टूबर को रिजल्ट जारी किया गया। 7 दिनों की नवरात्रि, संडे एवं शनिवार जैसी छुट्टियां थी। ऐसे में यूनिवर्सिटी ने 5 दिन में ही पूरे सेकंड ईयर एवं थर्ड ईयर के छत्तीसगढ़ के पेपर को चेक कर हड़बड़ी में गड़बड़ी कर रिजल्ट निकाल दिया और 80 परसेंट बच्चों को फेल कर दिया गया।

देवांगन ने कहा कि, गड़बड़ी के शिकार बच्चों ने इस मामले की शिकायत यूनियन से की। जब यूनियन ने इसकी जांच की तो पता चला कि, प्रदेश में कभी कोई भी यूनिवर्सिटी ने परीक्षा के बाद 7 से 10 दिनों में रिजल्ट नहीं निकाला। छत्तीसगढ़ नर्सेज काउंसिल के द्वारा यह अत्याचार तो किया गया है एवं लगभग 20 किलोमीटर दूर केंद्र बनाकर बच्चों के लिए परेशानी भी खड़ी की। आने-जाने में बच्चों को तकलीफ हुई। इसलिए यूनियन यह चाहती है कि बच्चों के हित में पुनः रिचेकिंग की जाए और बच्चों के हित में रिजल्ट निकाली जाए।

दोषियों पर कार्यवाही नही होने पर आन्दोलन दी चेतावनी

वहीं छात्र नर्सिंग संगठन के अजय त्रिपाठी ने कहा कि, यह गलती छत्तीसगढ़ नर्सेज काउंसिल की है जिन्होंने इतना दूर सेंटर देकर आने-जाने में तकलीफ हो रहे विद्यार्थियों के लिए कोई भी सुविधा नहीं की। कई बच्चों को लेट एग्जाम हाल में प्रवेश नहीं दिया गया , कई बच्चे एग्जाम देने पहुंच नहीं पाए। जल्दबाजी में ही पेपर चेक कर बच्चों को बैक कर दिया गया। इसलिए आज यूनियन ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा गया और पुनः जांच कर रिजल्ट जारी करने की मांग की गई। कल चुनाव आयोग में भी इस संबंध में बात करेंगे। क्योंकि आचार संहिता के बीच रिजल्ट निकाला गया है। देवांगन ने कहा कि, कलेक्टर को भी इस विषय में सूचना दी जाएगी। साथ ही कोर्ट में जारी रिजल्ट के खिलाफ स्टे लगाने की मांग की जाएगी।

उन्होंने कहा कि, इस पूरे मामले की जांच आयुष यूनिवर्सिटी के द्वारा की जाए और गड़बड़ी करने वाले संबंधित अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। यदि इसपर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो हम आंदोलन का रूख करेंगे।