ये गलतियां कर देंगी आपका अकाउंट खाली!.. QR Code से करते हैं ट्रांजेक्शन तो हो जाएं सावधान

QR Code Scam: ऑनलाइन लेन-देन के बढ़ते प्रचलन के साथ-साथ ऑनलाइन ठगी के मामले भी लगातार बढ़े हैं. क्यूआर कोड के जरिए भी लोग ऑनलाइन ठगी का शिकार हो रहे हैं. ऐसे में ठगी से बचने के लिए लोगों का कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए.

ये गलतियां कर देंगी आपका अकाउंट खाली!.. QR Code से करते हैं ट्रांजेक्शन तो हो जाएं सावधान
क्यूआर कोड के जरिए होने वाली ऑनलाइन ठगी के मामलो में लगातार इजाफा हो रहा है.

Cyber Crime: दुनियाभर में  ऑनलाइन लेन-देन   (Online Transactions) का चलन लगातार बढ़ रहा है. लोग तेजी से ऑनलाइन लेन-देन पर निर्भर होते जा रहे हैं. इसके लिए वे कई ई-पेमेंट तरीकों का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन जिस तरह ऑनलाइन लेन-देन का प्रचलन बढ़ रहा है, ऑनलाइन ठगी (Online Fraud) के मामलों में भी इजाफा हो रहा है. ऑनलाइन ठगी को अंजाम देने के लिए ठगों ने नए-नए तरीके इजाद किए हैं. ऐसी कई ट्रिक हैं जिनका इस्तेमाल करके ये ठग मासूम लोगों को अपने जाल में फंसा लेते हैं और उनकी बैंकिंग डिटेल चुरा लेते हैं. हाल ही में क्यूआर कोड के जरिए होने वाली ऑनलाइन ठगी के कई मामले सामने आए हैं. इन मामलों में लोगों को क्यूआर कोड के जरिए पैसा प्राप्त करने का लालच दिया जाता है. लेकिन पैसा मिलने के बजाए क्यूआर कोड स्कैम (QR Code Scam) के जरिए लोगों के बैंक अकाउंट से पैसा निकाल लिया जाता है.

OLX जैसे प्लेटफॉर्म पर होती है ठगी

क्यूआर कोड स्कैमर ठगी करने के लिए ओएलएक्स जैसे ऑनलाइन प्लेटफार्म का सहारा लेते हैं. क्यूआर कोड शेयर करके लोगों को पैसों का लालच देते हैं. जैसे ही लोग क्यूआर कोड स्कैन करते हैं, वे ठगों के जाल में फंस जाते हैं. यह ठगी इतनी आम हो गई है कि ओएलएक्स ने भी यूजर्स को क्यूआर कोड के संबंध में सावधानी बरतने की सलाह दी है. आइए जानते हैं क्यूआर कोड स्कैम कैसे होता है और इससे कैसे बचा जा सकता है.

ऐसे होते हैं QR कोड स्कैम

ऑनलाइन ठगी करने वाले स्कैमर किसी स्कीम से पैसे मिलने का लालच देकर लोगों के पास क्यूआर कोड भेजते हैं. लेकिन इस तरह के क्यूआर कोड स्कैन के बाद बैंक अकाउंट में पैसे आने के बजाय कट जाते हैं. यहां तक कि ठगों के पास यूजर्स की पूरी बैंक डिटेल हाथ लग जाती है और वे आसानी से अकाउंट से पैसा उड़ा लेते हैं. इसलिए अगर कोई आपको व्हाट्सएप या किसी दूसरे प्लेटफॉर्म से क्यूआर कोड भेजकर पैसों का लालच देता है, तो लालच ना करें और क्यूआर कोड भी स्कैन ना करें.

ऑनलाइन ठगी का शिकार होने से कैसे बचें-

  • अपनी यूपीआई आईडी या बैंक अकाउंट की डिटेल किसी अजनबी को ना दें.
  • अजनबियों से मिलने वाले क्यूआर कोड को स्कैन ना करें.
  • किसी भी व्यक्ति को ओटीपी ना बताएं क्योंकि यह गोपनीय होता है और आपके लॉगइन को प्रमाणित करता है.
  • जब भी आप किसी अजनबी के साथ ऑनलाइन लेन-देन करें या पैसे भेजें या प्राप्त करें, तो एक बार उस अजनबी की प्रमाणिकता जांच लें. अगर आप ओएलएक्स आदि पर कुछ बेच रहे हैं, तो खरीदार की प्लेटफॉर्म पर ज्वाइनिंग डेट जांच लें. इसके अलावा उसका प्रोफाइल फोटो, नाम, फोन नंबर आदि से जुड़ी जानकारी भी देख सकते हैं. अगर पहले किसी यूजर ने उस खरीदार के अकाउंट को रिपोर्ट किया है, तो ओएलएक्स इससे जुड़ी जानकारी दिखाएगा.
  • अपनी सभी यूपीआई आईडी को कोड के द्वारा सुरक्षित कर लें. भीम, गूगल पे, फोनपे जैसे सभी यूपीआई पेमेंट प्रोवाइडर यूजर्स को सिक्योरिटी पिन के जरिए यूपीआई को सुरक्षित रखने का ऑप्शन देते हैं. जब भी यूजर्स इन ऐप को ओपन करते हैं, सबसे पहले यही सिक्योरिटी कोड डालना पड़ता है. इससे यूजर्स का यूपीआई काफी हद तक सुरक्षित हो जाता है.
  • अजनबियों के साथ कैश में ही लेन-देन की कोशिश करें. हालांकि, कैशलेस लेन-देन अच्छी मानी जाती है, बशर्ते कि आप सभी सावधानियां बरतें.