Uttarakhand : उत्तरकाशी में भूकंप के झटकों से हिली धरती, रिक्टर स्केल पर 4.1 रही तीव्रता

उत्तराखंड के पूर्वी उत्तरकाशी से 39 किलोमीटर के करीब 5 बजकर 03 मिनट पर भूकंप आया. हालांकि इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.1 मापी गई है.

Uttarakhand : उत्तरकाशी में भूकंप के झटकों से हिली धरती, रिक्टर स्केल पर 4.1 रही तीव्रता
Earthquake

उत्तराखंड (Uttarakhand)   में आज सुबह शनिवार को उत्तरकाशी (Uttarkashi) जिले में भूकंप (Earthquake) के झटके महसूस किए गए हैं. हालांकि झटके हल्के होने के कारण लोगों को अहसास नहीं हुआ. वहीं, समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार पूर्वी उत्तरकाशी से 39 किलोमीटर के करीब 5 बजकर 3 मिनट पर भूकंप आया. जहां पर इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर लगभग 4.1 मापी गई है. फिलहाल कहीं से भी किसी तरह के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं मिली है.

दरअसल, सुबह 5.03 बजे जिले के उत्तरकाशी जिले के क्षेत्रों में भूकंप के झटके महसूस किए गए. इस दौरान लोग तब जाग रहे थे. ऐसे में ठंड होने के कारण घरों के भीतर थे. हालांकि, कुछ जगहों पर मकान हिलने पर वह घरों से बाहर निकल आए. फिलहाल भूकंप के केंद्र का पता नहीं चल सका है. जिसकी तीव्रता 4.1 रिएक्टर मापी गई थी. ऐसे में भूकंप से अभी तक कोई जनहानि की सूचना नहीं मिली है.

उत्तरकाशी में महसूस किए गए भूकंप के झटके

4.1 की तीव्रता वाले भूकंप घरों को कर सकते हैं क्षतिग्रस्त

बता दें कि रिक्टर स्केल पर 7.0 या उससे अधिक की तीव्रता वाले भूकंप को सामान्य से कहीं अधिक खतरनाक माना जाता है. इसी पैमाने पर 2.0 या इससे कम तीव्रता वाला भूकंप सूक्ष्म भूकंप कहलाता है. जोकि सामान्यतः महसूस नहीं होते. ऐसे में 4.1 की तीव्रता वाले भूकंप घरों और अन्य रचनाओं को क्षतिग्रस्त कर सकते हैं. वहीं, सीमांत जनपद भूकंप की दृष्टि से सर्वाधिक संवेदनशील जोन चार व पांच में है. ऐसे में बीते साल 1991 में विनाशकारी भूकंप आया था और जानमाल का भारी नुकसान हुआ था. हालांकि इसके बाद से यहां अब तक कई बार भूकंप के झटके आ चुके हैं.

बीते साल उत्तराखंड के पिथौरागढ़ और हिमाचल के किन्नौर में आए भूकंप के झटके

गौरतलब है कि पिछले साल उत्तराखंड के पिथौरागढ़ और हिमाचल के किन्नौर समेत कई इलाकों भूकंप के झटके आए हैं. हालांकि इनमें कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है. लेकिन भूगर्भ विज्ञानियों का कहना है कि इस साल उत्तराखंड और हिमाचल में भूस्खलन (Himachal Pradesh Landslide) की बड़े पैमाने पर घटनाएं हुई हैं. इसमें काफी संख्या में लोग मारे गए हैं. शिमला में भी भूस्खलन की घटनाएं अगस्त माह में हुई हैं. बारिश में यहां लैंडस्लाइड (Uttarakhand Landslide) होता है, लेकिन इस बार इनकी संख्या काफी ज्यादा होना चिंता पैदा करता है.