कोरोना काल मे बड़ी लापरवाही - 202 पदों की भर्ती के लिए लगी हजारों की भीड़ कोविड गाइडलाइन की उड़ाई गयी जमकर धज्जियाँ ... आखिर कौन करेगा यहां लापरवाह जिम्मेदारों के ऊपर कार्यवाही

कोरोना काल मे बड़ी लापरवाही - 202 पदों की भर्ती के लिए लगी हजारों की भीड़ कोविड गाइडलाइन की उड़ाई गयी जमकर धज्जियाँ ... आखिर कौन करेगा यहां लापरवाह जिम्मेदारों के ऊपर कार्यवाही

रायपुर -  स्वास्थ्य विभाग में 202 पदों पर अस्थाई भर्ती के दौरान कोरोना नियमों की जमकर धज्जियां उड़ते देखने को मिली जहां स्वास्थ्य विभाग में 202 पदों पर छह माह के लिए अस्थाई भर्ती के लिए जिला चिकित्सा कार्यालय में इंटरव्यू के लिए हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. इस दौरान कोरोना गाइडलाइन का पालन नहीं किया गया है. वहीं विभाग के जिम्मेदारों द्वारा ना ही गाइडलाइंस पालन करने की हिदायत दी गई बल्कि जिस विभाग के ऊपर कोरोना संक्रमण डर को कम करने की जिम्मेदारी होती है दूसरों को कोरोना गाइडलाइन का पाठ पढ़ाते हैं वही विभाग कोरोना गाइडलाइन की जमकर धज्जियां उड़ाई.

आपको बता दें कि स्वास्थ्य विभाग में 202 पदों पर छह माह की अस्थाई भर्ती के लिए कोरोना हॉस्पिटल सेंटर ने डॉक्टर, नर्स, ऑक्सीजन टेक्नीशियन, लैब टेक्नीशियन, टेलीफ़ोन ऑपरेटर, सुरक्षाकर्मी जैसे अलग-अलग पदों के लिए वॉक इन इंटरव्यू रखा गया है. इसके लिए  इंटरव्यू के माध्यम से भर्ती लिया जाएगा. इसी दौरान यहां कोरोना का पाठ पढ़ाने वाले ही कोरोना के नियम तोड़ते नजर आ रहे हैं. वह जिम्मेदार भी मूकदर्शक बने रहे.


वहीं, इंटरव्यू में पहुंचें अभ्यर्थी कहा कि कोरोना से ज्यादा खतरनाक तो बेरोजगारी है, हम पढ़े लिखे बेरोजगार है और यहां रोजगार के अवसर है इसी लिए पहुंचे हैं. यहां हजारों की भीड़ है, ऐसे में एडवाइजरी का पालन संभव नहीं है, ना ही सामाजिक दूरी के जगह है, मॉस्क हम सभी पहने हैं, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इंटरव्यू के लिए बुलाया है. वहां व्यवस्था उनको करना चाहिए था.

वही मामले को लेकर जिला चिकित्सा अधिकारी ने कहा वॉक इन इंटरव्यू के लिए बुलाया गया था. अंदाजा नहीं था कि इतने सारे लोग पहुंचाएंगे इसलिए आज आवेदन लिया जा रहा है कल इंटरव्यू लिया जाएगा, भर्ती विज्ञापन में स्पष्ट तौर पर लिखा गया है कि छह माह के लिए अस्थायी पद पर इंटरव्यू के लिए भर्ती ली जाएगी. राजधानी रायपुर प्रदेश का कोरोना हॉट स्पॉट बना हुआ है. इससे ज्यादा मरीज नहीं मिल रहे हैं, ऐसे में कोई एक भी कोरोना पॉजिटिव होंगे तो हर घर कोरोना पहुंचने में देर नहीं लगेगा. सवाल यह भी उठता है कि जिस विभाग को कोरोना संक्रमण दर कम करने की जिम्मेदारी दी गई है जिस विभाग के जिम्मेदारों को लोगों को कोरोना गाइडलाइंस की पाठ पढ़ाने की जिम्मेदारी है वह खुद है नियम कानून को ताक में रखकर भर्ती प्रक्रिया करवा रहे हैं.

सवाल यह भी उठता है कि अन्य जगहों पर भीड़ एकत्रित होने पर आयोजकों के ऊपर कार्यवाही होती है तो हॉटस्पॉट कहे जाने वाले रायपुर में भीड़ एकत्रित करने वाले जिम्मेदारियों के ऊपर आखिर क्या कार्यवाही होगा यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा.