आम आदमी के लिए आई बड़ी खबर-जल्‍द मिलने वाला है सस्‍ती बिजली का तोहफा! क्या है सरकार का नया प्लान जानिए...

आम आदमी के लिए आई बड़ी खबर-जल्‍द मिलने वाला है सस्‍ती बिजली का तोहफा!  क्या है सरकार का नया प्लान  जानिए...

भारत अब बिजली वितरण के लिए ‘ग्रीन टैरिफ’ पर काम कर रहा है. इसके तहत बिजली कंपनियां स्‍वच्‍छ ऊर्जा प्रोजेक्‍ट्स के जरिए तैयार की गई बिजली को कोयला या अन्‍य पारंपरिक ईंधन से तैयार की बिजली की तुलना में सस्‍ता होगा. इस प्‍लान के बारे में केंद्रीय बिजली एवं रिन्‍यूवेबल ऊर्जा मंत्री राज कुमार सिंह ने मंगलवार को जानकारी दी. उन्‍होंने कहा कि इससे भारत में स्‍वच्‍छ ऊर्जा इस्‍तेमाल करने वाले साख़ को और भी मजबूत करने में मदद मिलेगी. इसे दुनिया की सबसे बड़ा स्‍वच्‍छ ऊर्जा प्रोग्राम बताया जा रहा है.

सिंह ने कहा, ‘बहुत जल्‍द इसके नियम जारी कि जाएंगे.’ उन्‍होंने यह बात मंगलवार को एनर्जी ट्रांजिशन थीम पर द्विपक्षीय वार्ता के बाद होने वाले कर्टन रेज़र प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में कही. सिंह ने कहा कि इस प्‍लान को अमलीजामा पहनाने के बाद कोई भी बिजली वितरण कंपनी (discom) एक्‍सक्‍लुजीव तरीके से ग्रीन एनर्जी खरीदकर इसे ‘ग्रीन टैरिफ’ पर सप्‍लाई की जाएगी.

क्‍या है मौजूदा व्‍यवस्‍था

वर्तमान में अगर कोई कंपनी बिजली वितरण कपंनियों से ग्रीन एनर्जी खरीदना चाहती है तो उसे इसके लिए उन्‍हें क्‍लीन एनर्जी डेवलपर से कॉन्‍ट्रैक्‍ट कराना होता है. कॉमर्शियल एंड इंडस्ट्रियल सेग्‍मेंट में यही प्रक्रिया पूरी होती है. वर्तमान में बिजली वितरण कंपनियां अनिवार्यता के तहत रिन्‍यूवेबल एनर्जी खरीदती हैं.

सोलर टैरिफ न्‍यूनतम स्‍तर पर

केंद्र सरकार की ओर से यह कदम एक ऐसे समय पर आ रहा है जब भारत में सोलर एवं पवन ऊर्जा टैरिफ अब तक के सबसे न्‍यूनतम स्‍तर पर फिसल चुका है. सोलर टैरिफ का भाव अब 1.99 रुपये प्रति यूनिट और पवन ऊर्जा का भाव 2.43 रुपये प्रति यूनिट पर है. भारत ने 2022 तक 175 गीगावॉट की रिन्‍यूवेबल क्षमता बढ़ाने का लक्ष्‍य रखा है. इसमें 100 गीगावॉट सोलर पावर है.

15 दिन के अंदर ओपेन एक्‍सेस एप्‍लीकेशन प्रोसेस होगा

प्रस्‍ताव‍ित ग्रीन टैरिफ पारंपरिक ईंधन के सोर्सेज से सस्‍ती पड़ेगी. सिंह ने बताया कि नये नियम के सुनिश्चित हो सकेगा कि अगर कोई इंडस्‍ट्री केवल ग्रीन पावर की मांग कर रही है तो एक पखवाड़े के अंदर ओपेन एक्‍सेस एप्‍लीकेशन को प्रोसेस करना होगा. ओपेन एक्‍ससे के जरिए 1 मेगावॉट या इससे ज्‍यादा क्षमता वाले एनर्जी खपत करने वालों को ओपेन मार्केट से खरीद की सुविधा देता है. उन्‍हें अधिक खर्चीले ग्रिड पर निर्भर नहीं रहना होता है.

2030 तक 817 गीगावॉट तक होगी भारत की बिजली खपत क्षमता

हालांकि, राज्य की बिजली वितरण कंपनियां अपने पावर ट्रांसमिशन और डिस्‍ट्रीब्‍युशन नेटवर्क के जरिए क्लीन एनर्जी डेवलपर्स को हतोत्‍साहित कर रही हैं. ओपेन एक्‍सेस सुनिश्चित करने का मतलब है कि ग्रीन इलेक्ट्रिसिटी की खपत करने वाले कैप्टिव ग्रीन एनर्जी प्‍लांट्स सेटअप कर सकते हैं. सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के अनुसार, 2030 तक भारत की कुल बिजली खपत बढ़कर 817 गीगावॉट तक होगी. इसमें आधे से ज्‍यादा क्लीन एनर्जी होगी.