Janjgir Champa Borewell Rescue: जांजगीर में राहुल को बचाने का ऑपरेशन जारी ...रोबोटिक रेस्क्यू ऑपरेशन का पहला चरण असफल ... टनल बनाने की खुदाई जारी ...

Janjgir Champa Borewell Rescue: जांजगीर में राहुल को बचाने का ऑपरेशन जारी है. पूरा प्रशासनिक अमले के साथ एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, होमगार्ड के जवान जुटे हुए हैं. रोबोटिक रेस्क्यू ऑपरेशन का पहला चरण असफल हो गया है. टनल बनाने की खुदाई जारी है.

Janjgir Champa Borewell Rescue: जांजगीर में राहुल को बचाने का ऑपरेशन जारी ...रोबोटिक रेस्क्यू ऑपरेशन का पहला चरण असफल ... टनल बनाने की खुदाई जारी ...

जांजगीर-चांपा: छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा जिले में बोरवेल में गिरे राहुल को बचाने की जद्दोजहद पिछले 45 घंटे से जारी है. राहुल करीब 47 घंटे से 50 फीट गहरे गड‌्ढे में फंसा हुआ है. रोबोटिक रेस्क्यू ऑपरेशन का पहला चरण असफल रहा है. बोर के अंदर फंसे राहुल ने कोई रिस्पॉन्स नहीं दिया. राहुल को बाहर निकालने केला को रेस्क्यू उपकरण में बांध कर बोर के अंदर डाला गया था. राहुल के शरीर को 360 डिग्री में बांधने पर ही उपकरम उसे बाहर निकाल पाएगा. फिलहाल रोबोट उपकरण को दूसरी बार बोर के अंदर डाला गया है. टनल बनाने की कवायद भी जारी है. एसईसीएल मनेंद्रगढ़ से भी रेस्क्यू टीम पिहरीद पहुंची है जो टनल का निरीक्षण करेगी.

भूपेश बघेल ने परिजनों की दी हिम्मत: इस पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वीडियो कॉल के जरिए एक बार फिर राहुल के परिजनों और कलेक्टर जितेंद्र कुमार शुक्ला से बात की. परिजनों को सीएम ने राहुल को सकुशल बाहर निकालने की उम्मीद जताई. कलेक्टर जितेंद्र शुक्ला ने रेस्क्यू संबंधी जानकारी सीएम को दी. भूपेश बघेल ने कहा कि पूरी टीम राहुल को निकालने में लगी हुई है. बोरवेल की साइड से भी खोदकर सुरंग बनाकर राहुल को निकाला जा सकता है. दूसरा रोबोट तकनीक से भी निकाला जा सकता है. राज्यपाल अनुसुइया उइके ने भी कलेक्टर से फोन कर राहुल के बारे में जानकारी ली. 

शुक्रवार दोपहर को बोरवेल में गिर गया था राहुल: पिहरीद गांव का राहुल अपने घर के पीछे खेलते समय राहुल शुक्रवार दोपहर को बोरवेल के गड्ढे में गिर गया था. तब से उसे बचाने की कोशिश जारी है. प्रशासन, सेना और NDRF की टीम 3 दिनों से रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है. गुजरात से आए बोरवेल्स रोबोटिक एक्सपर्ट भी पिहरिद में रोबोटिक इक्यूपमेंट को बोर के अंदर डालने का मुआयना कर रहे हैं. 

60 फीट से ज्यादा हो चुकी खुदाई
इससे पहले NDRF ने बोरवेल के ठीक बगल में 60 फीट से ज्यादा की खुदाई की है. अब 5 फीट की खुदाई के बाद टनल बनाने का काम शुरू किया जाना था. हालांकि इस खुदाई में एक चट्‌टान बड़ी बाधा बन गई है. इसके कारण टनल बनाने में देरी हो रही है. मौके पर मौजूद मशीनरी पूरी नहीं पड़ रही है. इसे देखते हुए बड़े रॉक ब्रेकर मंगाए गए हैं. गड्ढे में फंसे बच्चे को नुकसान न हो, इसके लिए खुदाई का काम मैन्युअली किया जा रहा है. स्थिति ठीक होने पर JCB की मदद ली जाएगी. इसके कारण समय लग रहा है. टनल बनाकर उसमें सीमेंट के स्लैब डाले जाएंगे.

नीचे पत्थर और गड्‌ढे का मुंह चौड़ा होने से राहत
बताया जा रहा है कि बोरवेल के लिए खोदे गए गड्‌ढे का मुंह जरूर छोटा है, लेकिन अंदर से वह चौड़ा है. नीचे पत्थर भी लगे हैं. इसके कारण राहुल उसमें अटका हुआ है. संभवत: उसे काफी चोटें भी आई होंगी. इसके बाद भी उसने हिम्मत बांधी हुई है. NDRF की टीम अभी तक उस गड्‌ढे के पास में 60 फीट की खुदाई और कर चुकी है. इसमें 3 JCB को नीचे उतारा गया है. देर रात से सुबह तक 10 फीट गड्‌ढे को और चौड़ा किया गया है.

राहुल को बचाने में जुटा अमला: राहुल को सुरक्षित निकालने के लिए सेना के मेजर गौतम सूरी के साथ ही 4 सदस्यीय टीम भी जुटी हुई है. इसके अलावा 4 IAS, 2 IPS, 5 एडिशनल SP, 4 SDOP, 5 तहसीलदार, 8 TIऔर 120 पुलिसकर्मी, EE (PWD), EE (PHE), CMHO, 1 सहायक खनिज अधिकारी, NDRF के 32, SDRF से 15 और होमगार्ड के जवान मौजूद हैं। वहीं एक स्टोन ब्रेकर, 3 पोकलेन, 3 जेसीबी, 3 हाइवा, 10 ट्रैक्टर, 3 वाटर टैंकर, 2 डीजल टैंकर, 1 हाइड्रा, 1 फायर ब्रिगेड, 1 ट्रांसपोर्टिंग ट्रेलर, तीन पिकअप, 1 होरिजेंटल ट्रंक मेकर और 2 जेनरेटर का उपयोग किया जा रहा है. दो एम्बुलेंस भी तैनात की गई है.

भूपेश बघेल ने शनिवार को भी की थी परिजनों से बात: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बच्चे को सुरक्षित निकालने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने राहुल के माता पिता से वीडियो कॉल कर बात की. जिले के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से बात कर पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी भी ली थी.

गुजरात से बुलाए गए रोबोट इंजीनियर: कलेक्टर जितेंद्र शुक्ला और एसपी विजय अग्रवाल ने राहुल के परिजनों से मुख्यमंत्री की बात कराई थी. राहुल के पिता राम कुमार साहू ने सीएम को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी है और मदद मांगी. कलेक्टर ने सीएम को बताया कि उनके निर्देश पर गुजरात से रोबोट इंजीनियर को बुलाया गया है. बताया जा रहा है कि इसी रोबोटे के माध्यम से गुजरात में एक बच्चे का सफल रेस्क्यू किया गया था. बातचीत के दौरान जिले के एसपी विजय अग्रवाल भी मौजूद थे.

कटक और बिलासपुर से पहुंची NDRF टीमें

कटक और बिलासपुर से NDRF की टीम भी मौके पर हैं. कोरबा,रायगढ़ से भी मशीने देर रात पहुंच गई थीं. आसपास के एरिया में बैरिकेडिंग की है. रात को भी पूरी लाइटिंग की व्यवस्था की गई है. इसके अलावा स्वास्थ्य अधिकारियों और एम्बुलेंस की टीम भी तैनात किया गया है. ऑक्सीजन सिलेंडर अतिरिक्त तौर पर रखा गया है. CCTV से कलेक्टर सहित अधिकारी नजर रखे हुए हैं. रात में बच्चे को खाने के लिए केला, फ्रूटी सहित अन्य खाद्य सामग्री भेजी गई थी. बोरवेल से राहुल की आवाज और उसकी हलचल पूरी तरह सुनाई और दिखाई दे रही है.