केयर्न एनर्जी ने भारत सरकार पर दबाव बनाने एवं 1.2 अरब डॉलर की रकम वसूलने के लिए एयर इंडिया को बनाया निशाना ...केयर्न ने मुकदमा किया दायर

केयर्न एनर्जी ने भारत सरकार पर दबाव बनाने एवं 1.2 अरब डॉलर की रकम वसूलने के लिए एयर इंडिया को  बनाया निशाना ...केयर्न ने मुकदमा किया दायर

ब्रिटेन की तेल कंपनी केयर्न एनर्जी (Cairn Energy) ने भारत सरकार पर दबाव बनाने के लिए और रणनीति बनाई है. अब वह सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया के विमान पर कब्जा करने का मन बना रही है. इसी के चलते उसने एयर इंडिया (Air India) को अमेरिका की कोर्ट में घसीटा है. केयर्न ने भारत सरकार से 1.2 अरब डॉलर की रकम वसूलने के लिए ऐसा किया है. अब एयर इंडिया के पास विमान पर कब्जा होने से बचाने के लिए महज जुलाई मध्य तक का समय है.

केयर्न एनर्जी की ओर से दाखिल की गई याचिका को चुनौती देने के लिए एयर इंडिया को जुलाई मध्य से पहले अपील करनी होगी. मालूम हो कि केयर्न ने अमेरिका की संघीय अदालत में मुकदमा दायर कर कहा कि एयर इंडिया (Air India) पर भारत सरकार का नियंत्रण है. ऐसे में कंपनी ने अदालत से मांग की है कि एयरलाइन 1.26 बिलियन डॉलर का मध्यस्थता की रकम चुकाए, जिसे उसने पिछले साल दिसंबर में भारत सरकार के खिलाफ जीता था.

केयर्न का आरोप है कि भारत सरकार ने चार साल से अधिक समय तक मध्यस्थता की कार्यवाही में भाग लेने के बावजूद, उसे रकम नहीं दी है. केयर्न (Cairn energy) ने कहा है कि वह इस फैसले के तहत एयर इंडिया (Air India) जैसी सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों से वसूली करेगी. वहीं भारत सरकार ने कहा है कि वह Cairn energy के इस तरह के किसी भी कदम का विरोध करेगी.

अमेरिकी अदालत ने भारत सरकार को कंपनी के बेचे गए शेयर, जब्त लाभांश और कर रिफंड को वापस करने को कहा था. इस न्यायाधिकरण में भारत की ओर नियुक्त जज भी शामिल थे.DIPAM के एक अधिकारी ने कहा कि केयर्न एनर्जी विवाद का एयर इंडिया के निजीकरण (Air India Privatization) पर कोई असर पड़ने की आशंका नहीं है. केयर्न एनर्जी (Cairn Energy) ऐसा महज भारत सरकार पर दबाव बनाने के लिए कर रही है. कंपनी चाहती है कि सरकार आर्बिट्रेशन पैनल के खिलाफ दायर याचिका वापस ले ले.