उत्तर कोरिया ने कोविड को महज ‘बुखार’ बताया , वैक्सीन छोड़ चाय और नमक के पानी के गरारे से ठीक कर रहा कोरोना !

Coronavirus in North Korea: उत्तर कोरिया ने कोविड को महज 'बुखार' बताया है. उत्तर कोरिया ने पिछले हफ्ते अपने यहां वायरस के मौजूद होने की जानकारी दी थी.

उत्तर कोरिया ने कोविड को महज ‘बुखार’ बताया  , वैक्सीन छोड़ चाय और नमक के पानी के गरारे से  ठीक कर रहा कोरोना !
प्रतीकात्मक फोटो

उत्तर कोरिया (North Korea) में   कोरोनावायरस ने अपना कहर ढाया हुआ है. ऐसे में लोगों के इलाज के लिए वैक्सीन और एंटीवायरल दवाओं के बजाय चाय और नमक वाले पानी का सहारा लिया जा रहा है. दरअसल, अनवैक्सीनेटेड उत्तर कोरियाई लोग कोविड (Coronavirus in North Korea) से बचने के लिए चाय और नमक के पानी से गरारे कर रहे हैं. उत्तर कोरिया ने शुक्रवार को कहा कि वह कोविड महामारी से निपटने में ‘अच्छे नतीजे’ हासिल कर रहा है. हालांकि, उसकी बातों पर भरोसा करना नामुमकिन सा नजर आ रहा है. वजह ये है कि देश में अब तक 20 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं. कोरोनावायरस ने अपना कहर ढाया हुआ है. ऐसे में लोगों के इलाज के लिए वैक्सीन और एंटीवायरल दवाओं के बजाय चाय और नमक वाले पानी का सहारा लिया जा रहा है. दरअसल, अनवैक्सीनेटेड उत्तर कोरियाई लोग कोविड (Coronavirus in North Korea) से बचने के लिए चाय और नमक के पानी से गरारे कर रहे हैं. उत्तर कोरिया ने शुक्रवार को कहा कि वह कोविड महामारी से निपटने में ‘अच्छे नतीजे’ हासिल कर रहा है. हालांकि, उसकी बातों पर भरोसा करना नामुमकिन सा नजर आ रहा है. वजह ये है कि देश में अब तक 20 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं.

यहां गौर करने वाली बात ये है कि अभी तक ये भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उत्तर कोरिया कोविड संक्रमितों और बुखार से पीड़ित लोगों की संख्या की गणना कैसे कर रहा है. देश की सरकारी मीडिया लोगों को कोविड से बचने के लिए पारंपरिक इलाज का सहारा लेने को कह रही है, जिसमें हनीसकल चाय (फूलों की बेल वाली चाय) भी शामिल है. उत्तर कोरिया ने कोविड को महज ‘बुखार’ बताया है. उत्तर कोरिया ने पिछले हफ्ते अपने यहां वायरस के मौजूद होने की जानकारी दी थी. ऐसे में उत्तर कोरिया को लेकर दुनियाभर में चिंता की लहर दौड़ गई थी क्योंकि देश में मेडिकल संसाधन की कमी है और लोगों का वैक्सीनेशन भी नहीं किया गया है.

दक्षिण कोरिया और अमेरिका ने मदद देने को कहा

उत्तर कोरिया ने गुरुवार को बुखार के लक्षणों वाले 2,63,370 और लोगों की जानकारी दी. इसके अलावा, इसने दो और लोगों के मारे जाने की भी सूचना दी. इस तरह अप्रैल के अंत से गुरुवार तक उत्तर कोरिया में बुखार के कुल मामलों की संख्या 22.4 लाख हो गई. सरकारी समाचार एजेंसी KCNA ने बताया कि महामारी की शुरुआत से अब तक 65 लोगों की मौत हुई है. दक्षिण कोरिया और अमेरिका दोनों ने उत्तर कोरिया को मदद देने की पेशकश की. लेकिन उत्तर कोरिया ने दोनों ही देशों का जवाब नहीं दिया. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने उत्तर कोरिया को वैक्सीन के तौर पर मदद देने की बात भी कही थी.

लोगों को पारंपरिक तरीके से बुखार ठीक करने को कहा गया

दरअसल, सरकारी टीवी चैनल पर एक कपल ने लोगों को सुबह और शाम के समय नमकीन पानी से गरारा करने की सलाह दी. सरकारी मीडिया सूत्रों ने भी लोगों को नमकीन पानी से गरारा करने की हिदायत दी है. लोगों को पारंपरिक तरीके से बुखार ठीक करने को कहा जा रहा है. बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ स्टडी से पता चलता है कि नमक के पानी से गरारे करने और नाक धोने से आम सर्दी की वजह बनने वाले वायरस से निपटा जा सकता है. हालांकि, इस बात के बेहद ही कम सबूत हैं कि ये कोविड के फैलने की रफ्तार को कम कर सकता है, क्योंकि कोरोनावायरस शरीर के कई हिस्सों से इंसानों में प्रवेश करता है.