रायगढ़ वाला राजा फेम शशिकांत मानिकपुरी पर जानलेवा हमला अपराधी बेखौफ पुलिस सुस्त... लोक कलाकारों में नाराजगी...

रायगढ़ वाला राजा फेम शशिकांत मानिकपुरी पर जानलेवा हमला अपराधी बेखौफ पुलिस सुस्त... लोक कलाकारों में नाराजगी...

रायगढ़ :- प्रदेश में आए दिन अपराध का ग्राफ बढ़ता जा रहा है जिस पर लगाम लगाने पर पुलिस प्रशासन नाकाम से साबित हो रही वहीं अब  छत्तीसगढ़ में अब लोक कलाकार भी सुरक्षित नहीं है जो कलाकार अपनी लोक कला के माध्यम से छत्तीसगढ़ की संस्कृति को देश ही नहीं बल्कि देश और दुनिया में उजागर कर रहे हैं अब उनके ऊपर प्राणघातक हमला होना आम बात थी हो गई . जहां छत्तीसगढ़ के रायगढ़ वाला राजा के नाम से फेमस शशिकांत मानिकपुरी के ऊपर दिनदहाड़े प्राणघातक हमला हो जाता है और पुलिस आरोपियों को पकड़ने के बजाय हाथ पर हाथ लिए बैठी. वही कार्यवाही के नाम पर पुलिस ने केवल मामूली धारा लगाकर आरोपियों को बख्शने का मन बना लिया है. वहीं अब पीड़ित कलाकार इंसाफ के लिए दर-दर भटकने पर मजबूर हो रहा है. क्योंकि मामूली धारा लगने की वजह से अब तक आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया है ऐसे में लोक संस्कृति को जिंदा रखने वाले कलाकारों का मनोबल गिरेगा तो वहीं दूसरी ओर ऐसे असामाजिक तत्वों का हौसला दिनोंदिन बुलंद होगा अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में आरोपियों को बकती है या फिर लोक कलाकारों को बचाने के लिए कोई कड़ी पहल करती है.

मामले को लेकर क्या कहते है नितिन दुबे सुनें

 क्या था पूरा मामला 

                                                   
 दरसल  में ग्राम  घरघोडा  बरौद के युवक शशिकांत मनिकापुरी पिता नरियल दास मानिकपुरी निवासी -बरौद जो  पोर्ते कलेज में एमए पूर्व का पढाई कर कर हैं दिनांक 11/11/2021 को साथियों के साथ जिसका नाम  चमन दास  संदीप झरिया डांस स्टुडियो काम से भिलाई गये थे दिनांक 15/11/2021 को भिलाई से रायगढ आकर रूके और  16/11/2021 को बस से रायगढ से वापस घर जाने के लिये घरघोडा आये और विद्या मंदिर पास उतरे एवं मोटर सायकल में  अपने साथी संदीप, चमन दास तीनों बैठकर कारगिल चौक के आगे कन्हैया के पास पानी पुरी गुपचुप लेने जा रहे थे कि स्मृति गार्डन के पास घरघोडा के बाबी सारथी, रोहन एवं अन्य 01 मोटर सायकल से आये और पूर्व रंजिश को लेकर रोका और स्मृति गार्डन की ओर जाने के लिए बोले तो शशिकांत मनिकापुरी द्वारा जाने से मना किया तब बाबी सारथी और उसके साथी लोग अश्लील गाली गलौज कर जान से मारने की धमकी देते हाथ मुक्का से एवं बबी लोहे के पंच से मारपीट किये जिससे शशिकांत मानिकपुरी के मांथा में चोंट लगकर खून निकला और खुन सें लहू लुहान हो गया  एवं दांहिने गला मे चोट लगी है घटना के साक्षी साथी संदीप और चमन दास रहें तथा बीच बचाव भी किये है । तथा तत्काल घरघोड़ा पुलिस को सूचना कर कार्यवाही की मांग की लेकिन आज प्रयत्न तक आरोपियों पर घरघोड़ा पुलिस द्वारा  किसीं प्रकार की कार्यवाही नहीं किया गया हैं अब लेखन होगा की घरघोड़ा पुलिस कब तक आरोपियों को धर दबोचती हैं और सविधनिक धारा लगा कर कार्यवाही करती हैं ।घटना की लिखित सूचना पुलिस अधीक्षक रायगढ़ को भी सूचना दी गई हैं तथा आवश्यक कार्यवाही की मांग की हैं ।


नितिन दुबे ने जताया कड़ा विरोध कहां इंसाफ होकर रहेगा

वहीं छत्तीसगढ़ के स्वर सम्राट नितिन दुबे ने कहा कि छत्तीसगढ़ में अब लोक कलाकार सुरक्षित नहीं है जो छत्तीसगढ़ की संस्कृति परंपरा को आगे लेकर जा रहे हैं उनके ऊपर अगर इस तरीके से जानलेवा हमला हो और पुलिस के द्वारा कोई ठोस कार्यवाही ना हो तो इससे कलाकारों का मनोबल तो गिरेगा ही गिरेगा वही असामाजिक तत्वों का दिनोंदिन हौसला भी बढ़ेगा. शशिकांत मानिकपुरी के ऊपर जानलेवा हमले को उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताया वहीं पुलिस के ऊपर हमलावरों के ऊपर मामूली धारा लगाकर कार्यवाही करने के मामले पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जिन्होंने प्राणघातक हमला किया वह आज खुलेआम घूम रहे हैं वही पुलिस अब तक अपराधियों को पकड़ने पर नाकाम भी है. उन्होंने पोस्ट डालते हुए कहा कि इंसाफ तो जरूर होगा.