न्यूज़ मीडिया ग्रुप का डायरेक्टर बता लाखों की ठगी, पुलिस ने मामला किया दर्ज

न्यूज़ मीडिया ग्रुप का डायरेक्टर बता लाखों की ठगी, पुलिस ने मामला किया दर्ज

रायपुर। निजी चैनल सहारा समय से जुड़े एसोसिएट एडिटर के खिलाफ लाखों की ठगी का मामला दर्ज किया गया है। पाल न्यूज़ मीडिया प्राइवेट लिमिटेड का डायरेक्टर बता रायपुर के अमित जीवन के साथ धोखाधड़ी की गई थी।  इस मामले को लेकर प्रार्थी अमित ने रायपुर के राजेंद्र नगर पुलिस थाने में 17 सितंबर 2021 को लाखों की धोखाधड़ी के आरोप में भोपाल मध्यप्रदेश के अश्वनी मिश्रा और नोएडा उत्तरप्रदेश के शिशिर श्रीवास्तव के खिलाफ 420 का मामला दर्ज कराया है। प्रार्थी ने पुलिस को बिजनेस एसोसिएट एग्रीमेंट, अपाइंटमेंट लेटर, बैंक खाते की जानकारी, आरटीजीएस और चेक की छाया प्रति और अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराएं हैं।

इसी बिना पर पुलिस ने अश्विनी मिश्रा और शिशिर श्रीवास्तव के खिलाफ अपराध क्रमांक 0205/21 भारतीय दंड विधान की संहिता की धारा 420 के तहत मामला दर्ज किया है।


शिकायतकर्ता ने FIR में बताया कि वो अमित जीवन, वर्ल्ड मीडिया के नाम से पत्रकारिता के क्षेत्र में वर्ष 2017 से कार्यरत हैं तथा कार्यालय प्रथम तल, अरिहंत काम्पलेक्स, पचपेी नाका रायपुर छ0ग0 में स्थित है।साकेत मिश्रा जो कि टैगोर नगर रायपुर छग में निवास करता है।

अशिवनी मिश्रा नामक व्यक्ति को लेकर मुझसे मिलने मेरे कार्यालय आए अश्विनी मिश्रा ने स्वयं को पाल न्यूज मीडिया प्रायवेट लिमिटेड का डायरेक्टर होना बताया एवं मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ के लिए साथ में काम करने के लिए कहा। अश्विनी मिश्रा ने बताया कि उनका मुख्यालय दिल्ली में स्थित है तथा उन्हें मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ में अपने न्यूज चैनल को लांच करना है। अश्विनी मिश्रा के द्वारा बताया गया कि उसका काफी बड़ा व्यवसाय है जो संपूर्ण भारत मैं फैला हुआ है व कहने लगा कि साथ काम करने से मुझे काफी मुनाफा होगा। अश्विनी मिश्रा के द्वारा बताई गई बातों से प्रभावित होकर व उस पर विश्वास कर मैंने उसके साथ काम करना स्वीकार किया।

अश्विनी मिश्रा के द्वारा शुरुआत में 15 लाख रूपये की मांग की गई, ताकि आपस में करार कर कार्य आरंभ किया जाये। अश्विनी मिश्रा द्वारा इसके अतिरिक्त लगभग 3.25 लाख मासिक खर्च आने की बात कही थी। मेरे द्वारा आरंभ किये जाने वाली फर्म को अलाईव 24 मीडिया टेक नाम दिया गया था तथा उसी नाम से अश्विनी मिश्रा ने करार पाल न्यूज मीडिया प्रायवेट लिमिटेड के करने की बात कही थी।

अश्विनी मिश्रा दिनांक 30.05.2018 को दुबारा मेरे रायपुर स्थित कार्यालय आया और उसने बतौर डायरेक्टर पाल न्यूज मडिया प्राईवेट लिमिटेड मेरे साथ दिनांक 30.05.2018 को बिजनेस एसोसिएट एग्रीमेंट किया व शिशिर श्रीवास्तव के द्वारा मुझे सीईओ के रूप में एवं प्रशांत द्विवेदी को एडिटर के रूप में अपाईटमेंट लेटर प्रदान किया गया। मेरे द्वारा प्रारंभिक 15,00,000/- रूपये  चेक क्रमांक 030135, दिनांक 30.05.2018 का पाल न्यूज मीडिया प्राईवेट लिमिटेड के नाम से प्रदान किया परंतु अश्विनी मिश्रा के द्वारा मुझे चेक वापस लौटाते हुए उक्त रकम को बैंक आरटीजीएस के माध्यम से प्रदान करने को कहा तब मेरे द्वारा दिनांक 06.06.2018 को मेरे स्वयं के नाम के बैंक खाता जो कि नागरिक सहकारी बैंक में है के खाता क्रमांक 60805002542 से अश्विनी मिश्रा के बताए पाल न्यूज मीडिया प्राईवेट लिमिटेड के खाता क्रमांक 681020110000548 में रकम 15,00,000/- रूपये (अक्षरी पंद्रह लाख) आरटीजीएस के माध्यम से भेजे गए। महोदय मेरे द्वारा नवीन कार्य हेतु कार्यालय के लिए फर्नीचर, इंटरनेट, इलेक्ट्रानिक उपकरण आदि सारी व्यवस्था की गई जिसमें काफी खर्च आया व जिसकी रकम के लिए अश्विनी मिश्रा के द्वारा आश्वस्त किया गया कि कार्य आरंभ होने पर मुझे वापस लौटा देगा। अश्विनी मिश्रा के द्वारा उसके बाद कुछ समय में काम आरंभ करने की बात कहता रहा व इसी बीच उसके द्वारा मुझे 3,00,000/- रूपये डिजीटल मार्केटिंग के नाम के खाते में डालने कहा जिससे कि लाईव व्यू मशीन क्रय की जाएगी बताया मैंने उसके कहने पर दिनांक 03.10.2018 को अपनी फर्म वर्ल्ड मीडिया के बैंक खाते से डिजिटल मार्केटिंग के खाते में रकम 3,00,000/- रूपये (अक्षरी तीन लाख) रूपये बैंक आरटीजीएस के माध्यम से डालें। महोदय हमने न्यूज प्रसारण हेतु ग्रैण्ड चैनल व हाथवे के साथ संपर्क किया था जिन्हें भी हमें किराया प्रदान करना था जिसकी अदायगी के लिए मैंने ग्रैण्ड चैनल को अपने फर्म वर्ल्ड मीडिया के बैंक से रकम 2,95,000/- रूपये (अक्षरी दो लाख पंच्यान्बे हजार) दिनांक 07.09.2018 को बैंक के माध्यम से प्रदान किये तथा हाथवे को अपने फर्म वर्ल्ड मीडिया के बैंक से रकम 3,54,000/- रूपये (अक्षरी तीन लाख) दिनांक 17.09.2018 को बैंक के माध्यम से प्रदान किये। मेरे द्वारा कार्यालय संचालन, किराया, बिजली, विज्ञापन, कर्मचारियों की तनख्वाह आदी के लिए लगभग 23,00,000/- रूपये (अक्षरी तेईस लाख) भी लगभग खर्च किये गये हैं। अश्विनी मिश्रा के द्वारा निरंतर बहाना बनाया जाता रहा कि जल्द ही कार्य आरंभ कर दिया जायेगा परंतु काम आरंभ नहीं हुआ जिस पर मैंने पाल न्यूज मीडिया प्राईवेट लिमिटेड के मुख्यालय नोएडा, दिल्ली बात की तो उन्होंने बताया कि अश्विनी मिश्रा पाल न्यूज मीडिया प्राईवेट लिमिटेड का डायरेक्टर कभी नहीं रहा है रकम 15,00,000/- रूपये कभी भी पाल न्यूज मीडिया प्राईवेट लिमिटेड को प्राप्त नहीं हुए हैं।  अश्विनी मिश्रा के द्वारा स्वयं को पाल न्यूज मीडिया प्राईवेट लिमिटेड के डायरेक्टर बताते हुए मेरे साथ फर्जी दस्तावेजों का निर्माण कर फर्जी डायरेक्टर की सील बनाकर मेरे साथ कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर करार किया और पाल न्यूज मीडिया प्राईवेट लिमिटेड का फर्जी खाता बैंक ऑफ इंडिया, अलीगंज, लखनउ में खोलकर उसमें रकम डलवाकर मेरी उक्त रकम का गबन कर लिया है। मुझसे जो 3,00,000/- रूपये डिजीटल मार्केटिंग के खाते में डलवाए गये थे उसकी भी कोई मशीन आज तक प्राप्त नहीं हुई है उक्त रकम भी अश्विनी मिश्रा के द्वारा गबन कर ली गई है।  अश्विनी मिश्रा ने पूर्वनियोजित षड्यंत्र के तहत फर्जी दस्तावेजों व बैंक खातों का निर्माण कर मुझसे व्यापार करने की बातें करते हुए मुझे अत्यधिक लाभ तथा बेहतर भविष्य का भरोसा दिलाकर मुझसे रकम प्राप्त कर मुझे सदोष हानि पहुंचाई है व मुझसे प्राप्त रकम का स्वयं उपयोग एवं उपभोग कर रहे हैं। प्रार्थी ने पुलिस को सूचना देते बताया कि अश्विनी मिश्रा, शिशिर श्रीवास्तव व अन्य के द्वारा योजनाबद्ध तरीके से मेरे साथ की गई धोखाधड़ी व अमानत में खयानत के लिए उनके विरूद्ध आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध कर न्याय दिलायें।