Pregnancy Care : प्रेगनेंसी में इन चीजों को खाने से बढ़ता है गर्भपात का खतरा

प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को खाने पीने की चीजों में बहुत सावधानी बरतनी चाहिए ताकि उनके होने वाले बच्चे को कोई नुकसान न पहुंचे. अगर आप भी प्रेगनेंसी के दौर से गुजर रही हैं, तो कुछ चीजों को खाने से पूरी तरह परहेज करें.

Pregnancy Care : प्रेगनेंसी में इन चीजों को खाने से बढ़ता है गर्भपात का खतरा
प्रेगनेंसी के दौरान क्या नहीं खाना चाहिए

किसी भी महिला के लिए मां बनना एक सुखद अहसास होता है. एक बार गर्भ धारण करने के बाद महिला को डिलीवरी तक अपना विशेष खयाल रखना पड़ता है. उठने बैठने से लेकर खाने पीने की चीजों तक, हर फैसला काफी ध्यान से करना चाहिए ताकि बच्चे को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे. प्रेगनेंसी  (Pregnancy) के दौरान आमतौर पर ज्यादा से ज्यादा आयरन, कैल्शियम, विटामिन, प्रोटीन आदि से भरपूर चीजें लेने की सलाह दी जाती है, ताकि बच्चे (Baby) का विकास अच्छे से हो सके. लेकिन इस दौरान कुछ चीजों को न खाने की भी सलाह दी जाती है क्योंकि ये चीजें गर्भपात (Miscarriage) की वजह बन सकती हैं. अगर आप भी प्रेगनेंसी के दौर से गुजर रही हैं, तो आपको कुछ चीजों को खाने से पूरी तरह परहेज करना चाहिए.

प्रेगनेंसी की तरह न खाएं ये 5 चीजें

1- पपीता

प्रेगनेंसी के दौरान पपीता न खाने की सलाह दी जाती है. खासतौर पर कच्चा पपीता तो बिल्कुल नहीं खाना चाहिए. दरअसल कच्चे पपीते में पैपेन नाम का एक तत्व होता है जिसकी वजह से गर्भ में पल रहे भ्रूण में जन्मजात दोष और कई तरह की अन्य समस्याएं हो सकती हैं. साथ ही इससे गर्भपात का खतरा भी बढ़ जाता है.

2- मछली

वैसे तो मछली को सेहत के लिए काफी अच्छा माना जाता है. इसे खाने से विटामिन डी, प्रोटीन, ओमेगा-3 फैटी एसिड, ईपीए और डीएचए जैसे जरूरी तत्व प्राप्त होते हैं. लेकिन अशुद्ध पानी में रहने और अन्य जीवों को खाने से कई बार म​छलियों के शरीर में पारा चला जाता है. ये पारा मछली की मांसपेशियों में बैठ जाता है और मछलियों को पकाने पर भी नहीं जाता है. ऐसे में गर्भपात होने का रिस्क बढ़ जाता है. इसलिए प्रेगनेंसी के दौरान मछली को न खाना ही बेहतर है.

3- कच्चा अंडा

प्रेगनेंसी के दौरान कच्चे अंडे का सेवन बिल्कुल भी न करें. इससे सैल्मोनेला संक्रमण का खतरा बढ़ता है. इसके कारण जी मिचलाना, पेट में दर्द, दस्त और उल्टी जैसी समस्याएं पैदा होती हैं.

4- तुलसी का पत्ता

सर्दी जुकाम की समस्या होने पर महिलाएं अक्सर तुलसी की चाय बनाकर पीती हैं या किसी अन्य तरह से इसका सेवन करती हैं. लेकिन प्रेगनेंसी में ऐसा न करें. तुलसी के पत्तो में एस्ट्रोगोल नामक तत्व होता है जो गर्भपात का खतरा बढ़ा देता है.

5- हाई कैलोरी वाली चीजें

हाई कैलोरी वाली चीजें खाने से महिला का वजन तो बढ़ता ही है, साथ ही प्रेगनेंसी में कई तरह के कॉम्प्लीकेशंस आ सकते हैं और गर्भपात का रिस्क भी बढ़ जाता है. इसलिए ऐसे समय में महिलाओं को अधपके मीट, सी फूड, प्रोसेस्ड मीट, अधिक तला और भुना मीट नहीं खाना चाहिए.