पहले उसने अपने पति को उकसाया, जोश में पति ने उठाया खौफनाक कदम की होगयी मौत.. अब पत्नी बेचारी बनकर पुलिस को कर रही है गुमराह...

पहले उसने अपने पति को उकसाया, जोश में पति ने उठाया खौफनाक कदम की होगयी मौत.. अब पत्नी बेचारी बनकर पुलिस को कर रही है गुमराह...

पहले उसने अपने पति को उकसाया, जोश में पति ने उठाया खौफनाक कदम की होगयी मौत.. अब पत्नी बेचारी बनकर पुलिस को कर रही है गुमराह..

रायगढ़ - यह कहानी लगभग एक माह पुरानी है। जब रायगढ़ जिले के बरमकेला तहसील कार्यालय के सामने बीते 2 अगस्त को एक अधेड़ ने जहर सेवन करके आत्महत्या कर लिया तब हर किसी को कहानी सुनाई गई कि "मृतक बैरागी मिरी (उम्र 50 वर्ष) जमीन दलालों के चंगुल में फस के आत्महत्या करने को मजबूर हुआ है। अधेड़ के मौत के बाद अब उसका परिवार अनाथ होगया इसलिए जमीन खरीददार और दलालों को सजा मिले।" लगभग एक माह बीत जाने के बाद अब एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में साफ दिख रहा है कि मृतक बैरागी मिरी की पत्नी ख़िरबाई मिरी अपने पति को जहर पिने के लिए मजबूर कर रही थी। अंततः पत्नी के दबाव आकर बैरागी ने यह खौफनाक कदम उठाया। जहर सेवन के बाद चंद घंटों में ही बैरागी ने दम तोड़ दिया। अब पति की मौत के बाद महिला तरह तरह की कहानी सुना रही है। 

कलेक्टर जांच में क्या आया सामने.?
 
अधेड़ की मौत के बाद मामला तूल पकड़ा तो रायगढ़ कलेक्टर भीम सिंह ने अनुविभागीय अधिकारी सारंगढ़ को जांच के आदेश दिया। जांच में स्पष्ट हुआ कि मृतक के पिता भजोराम मिरी की मौत 6 माह पहले हुई थी। पिता के मौत के बाद बैरागी ने  सम्मिलित खाते की जमीन को बेचने का प्रयास किया जिसमें असफल रहा तो पैसों के लिए हो रहे पारिवारिक कलह में आत्महत्या कर लिया।

कूटरचना कर जमीन को बेचने का किया था प्रयास, पत्नी ने दिया था साथ..

जांच में स्पष्ट हुआ कि बैरागी छलपूर्वक गांव के ही माधव मिरी को सभी जमीन को अपने नाम बता कर बेचने के लिए 5 लाख रुपए बयाना लिया और जल्द रजिस्ट्री का वायदा किया। इसमें कथित तौर पर दलाल कहे जाने वाले धनसिंह मिरी, भुवनेश्वर खुंटे, शिवमंगल लहरे और माधव के समधी को सौदे में गवाह बनाया गया।

 बता दें कि मृतक के पिता भजोराम मिरी के दो बेटा (बैरागी मिरी व स्व. गोपाल मिरी) और एक बेटी (बुधनी बाई) है जिसमे से गोपाल मिरी की मौत हो चुकी है और उनकी बहन का विवाह हो गया है। ऐसे में बैरागी एकलौता भूमि पर काबिज है इसी भरोसे के साथ उसने गांव के ही तीन लोग और माधव के समधी  के समक्ष माधव मिरी से अपनी काबिज भूमि का सौदा किया था।  

मिली जानकारी के अनुसार 2 अगस्त को अपनी बैरागी जमीन की रजिस्ट्री के लिए सारंगढ़ कचहरी/तहसील गया था जहां उसकी बहन ने जमीन बिक्री में सहमति देने से मना कर दी जिससे जमीन की रजिस्ट्री नही हो सका। रजिस्ट्री नही होने पर बैरागी ने बरमकेला तहसील में पैसे के लेनदेन और निश्चित तिथि में रजिस्ट्री के लिए लिखापढ़ी करने के लिए कहा और बरमकेला तहसील कार्यालय आकर बयाना के रुपए वापस न करना पड़े इसलिए तहसील के सामने अपनी पत्नी द्वरा दबाव बनाने पर जहर का सेवन कर लिया। पूरे मामले में जिन्होंने रुपए दिए और लेनदेन के बतौर गवाह रहे उन्ही के उपर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया जा रहा है। 

फिलहाल अभी तक इस मामले में FIR नहीं हो पाया है। अब देखना होगा बरमकेला पुलिस क्या रुख अपनाती है और किसके ऊपर अपराध दर्ज होता है। साथ ही जहर  पिलाने वाली पत्नी के ऊपर कोई कारवाई होती है या नहीं।