देश में पहली बार मात्र 3 फीट के इस व्यक्ति को मिला ड्राइविंग लाइसेंस, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज है नाम

महज तीन फीट लंबे कुकटपल्ली निवासी 42 वर्षीय शिवलाल को सार्वजनिक परिवहन से यात्रा करनी पड़ती थी. इसमें उन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था. क्योंकि शिवलाल गाड़ी नहीं चला सकते थे.

देश में पहली बार मात्र 3 फीट के इस व्यक्ति को मिला ड्राइविंग लाइसेंस, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज है नाम

तेलंगाना से एक प्रेरणा देने वाली घटाना सामने आई है. बता दें तेलंगाना के मात्र तीन फीट लंबे गट्टीपल्ली शिवलाल ड्राइविंग लाइसेंस पाने वाले देश के पहले व्यक्ति बन गए हैं. देश में कोई भी वाहन चलाने के लिए लाइसेंस की आवश्यकता होती है. भारत सरकार ने लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आयु सहित कुछ अन्य नियम और शर्तें निर्धारित की हैं. लेकिन देश में पहली बार तीन फीट के व्यक्ति को ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया गया है. गट्टीपल्ली शिवलाल ड्राइविंग लाइसेंस पाने वाले देश के ऐसे पहले व्यक्ति हैं.

महज तीन फीट लंबे कुकटपल्ली निवासी 42 वर्षीय शिवलाल को सार्वजनिक परिवहन से यात्रा करनी पड़ती थी. इसमें उन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था. क्योंकि शिवलाल गाड़ी नहीं चला सकते थे, इसलिए वे यात्रा करने के लिए सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने के लिए मजबूर थे. इसी कारण से लोग उन्हें ताना मारते थे और विचित्र नजरों से देखते थे. इस वजह से वे मानसिक रुप से परेशान हो जाते थे. उसके बाद शिवलाल ने ने खुद गाड़ी चलाना सीखने का फैसला किया.

ड्राइविंग स्कूल खोलने की योजना

शिवलाल अब अपनी पत्नी को कार चलाना सिखा रहे हैं. उन्होंने शहर में एक विशेष ड्राइविंग स्कूल खोलने की योजना बनाई है ताकि उनके जैसे लोग भी गाड़ी चलाना सीख सकें.उनके प्रयास से तेलंगाना सरकार ने बिना गेयर के स्व-चालित वाहन को भी मंजूरी दे दी है.

लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज

इतने छोटे कद के व्यक्ति को पहली बार ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने के बाद शिवलाल का नाम तेलुगु बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया.देश में कोई उम्मीत नहीं बची तो शिवलाल ड्राइविंग सीखने के लिए अमेरिका गए. वहां से वे ड्राइविंग सीखकर लौटे तो भी भारत में उनके लिए लाइसेंस पाना और गाड़ी चलााना आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. इसी दौरान उन्हें हैदराबाद में एक कार डिजाइन करने वाले एक व्यक्ति के बारे में जानकारी मिली. शिवलाल ने उस व्यक्ति से कार में कुछ बदलाव कराए. वे बताते हैं, “उस कार के पैडल सामान्य से अधिक ऊंचे थे और मेरे पैर वहां पहुंच सकते थे.

करना पड़ा कई कठिनाइयों का सामना

गाड़ी चलाना सीखते समय उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. कई बार वे हतोत्साहित भी हो गए लेकिन एक बार जब उन्होंने अमेरिका में एक व्यक्ति को गाड़ी चलाने का वीडियो देखा, तो उनका आत्मविश्वास बढ़ गया. उन्होंने कई जगह ड्राइविंग सीखने के लिए अप्लाई किया. लेकिन सभी जगह खारिज कर दिए गए.