World Reaction On Shinzo Abe’s Death: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित विश्व के पूर्व और वर्तमान नेताओं ने आबे के निधन पर जताया दुख, शुक्रवार को देश में राष्ट्रीय शोक का ऐलान

शिंजो आबे के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi On Shinzo Abe Death) ने भी दुख जताया है और शुक्रवार को देशभर में राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है. प्रधानमंत्री मोदी ने शिंजो आबे को अपना 'प्रिय मित्र' बताया.

World Reaction On Shinzo Abe’s Death: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित विश्व के पूर्व और वर्तमान नेताओं ने आबे के निधन पर जताया दुख, शुक्रवार को देश में राष्ट्रीय शोक का ऐलान

जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे (Shinzo Abe Died at 67) की दो गोलियां लगने के बाद अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई है. उनके निधन पर दुनियाभर के वर्तमान और पूर्व नेताओं ने दुख ज़ाहिर की है. जापान के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने वाले शिंजो आबे (Japan’s Longest Serving PM) के निधन की ख़बर दुनियाभर में गूंज रही है और राजनीतिक हिंसा और गन कल्चर को लेकर चिंता पैदा कर रही है. उनके निधन पर यूरोपीय संघ की नेता उर्सुला वॉन डेर लेयन ने हमले को “क्रूर और कायरतापूर्ण हत्या” क़रार दिया, और कहा “एक अद्भुत शख़्सियत, महान लोकतंत्र और बहुपक्षीय विश्व व्यवस्था के चैंपियन का निधन हो गया है.”

शिंजो आबे के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi On Shinzo Abe Death) ने भी दुख जताया है और शुक्रवार को देशभर में राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है. प्रधानमंत्री मोदी ने शिंजो आबे को अपना ‘प्रिय मित्र’ बताया. चीन की बढ़ती रणनीतिक क्रूरता के बीच आबे ने एशिया के सबसे बड़े और सबसे बड़ी आबादी वाले लोकतंत्र के साथ एक घनिष्ठ संबंधन विकसित किए थे. शिंजो आबे ही क्वाड के जनक थे – जिसका गठन एशिया-पैसिफिक की सुरक्षा को ध्यान में रखकर किया गया था. आज इस समूंह में चार देश – भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका शामिल है – जिसका गठन मुख्य रूप से चीन को काउंटर करने के लिए किया गया है.

दक्षिण कोरिया (South Korea On Shinzo Abe) ने भी जापान के पूर्व प्रधानमंत्री आबे की हत्या पर दुख जताया है और उनकी पत्नी अकी को शोक संदेश भेजा है – जिसमें शूटिंग को अस्विकार्य अपराध क़रार दिया गया है. दक्षिण कोरिया, जापान का उपनिवेश रहा है – ऐसे में दक्षिण कोरिया जापान का घोर विरोधी था और दोनों देशों के बीच संबंध तनावपूर्ण रहे हैं. जबकि दक्षिण कोरियाई सरकार ने इस साल की शुरुआत में पड़ोसी देश के साथ बेहतर संबंधन विकसित करने की पेशकश की थी.

ब्रिटेन के निवर्तमान प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने भी शिंजो आबे के निधन पर दुख ज़ाहिर किया और उन्होंने अपने एक ट्वीट में लिखा, “अविश्वसनीय, दुखद समाचार. अज्ञात समय के माध्यम से वैश्विक नेतृत्व को कोई लोगों द्वारा याद किया जाएगा.”

जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज़ ने कहा, “हम इन कठिन समय में जापान के पक्ष में खड़े हैं,” उन्होंने कहा हत्या ने उन्हें, “स्तब्ध और दुखी” कर दिया. नाटो के महासचिव जेन्स स्टोलटेनबर्ग ने ट्वीट किया, “लोकतंत्र के रक्षक और कई वर्षों में मेरे मित्र और सहयोगी शिंजो आबे की जघन्य हत्या से गहरा दुख हुआ।”

रूस, जो यूक्रेन पर हमले के बाद जापान की तरफ से प्रतिबंधों का सामना कर रहा है – ने भी शिंजो आबे के निधन पर दुख संदेश भेजा है. रूसी राष्ट्रपति के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि क्रेमलिन हत्या की “कड़ी निंदा” करता है. उन्होंने कहा “आबे एक देशभक्त थे जिन्होंने बातचीत की मेज पर टोक्यो के हितों का बचाव किया. इसके लिए धन्यवाद कि उनके रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ अच्छे संबंध थे.

हमलावर ने हैंडमेड गन से शिंजो आबे पर किया हमला

शिंजो आबे एक हाई प्रोफाइल राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखते थे. उन्होंने ख़राब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए साल 2020 में प्रधानमंत्री पद त्यागने का फैसला किया था. हालांकि वो सांसद के पद पर बरक़रार थे और हाल ही में उन्होंने अपने स्वास्थ्य के ठीक होने की भी जानकारी दी थी. वो शुक्रवार को जापान के नारा शहर में रेलवे स्टेशन के बाहर एक राजनीतिक रैली को संबोधित कर रहे थे, तभी एक 41 वर्षीय तेत्सुया यामागामी नाम के शख़्स ने उनपर एक हैंडमेड गन से हमला कर दिया और उन्हें एक के बाद एक दो गोलियां दाग दी. तुरंत आबे को एयरलिफ्ट कर अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनका इलाज के दौरान निधन हो गया.

जापान में गन वायलेंस ना के बराबर होता है और देश में गन लेने के लिए लाइसेंस लेने के नियम बहुत कठिन हैं. एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़ जापान में प्रति 100 लोगों में 0.25 बंदूक हैं. पुलिस सूत्रों ने स्थानीय मीडिया को बताया कि हथियार घर का बना प्रतीत होता है. रक्षा अधिकारियों ने जापानी मीडिया को बताया कि यामागामी तीन साल तक जापान मैरीटाइम सेल्फ डिफेंस फोर्सेज का सदस्य था.