जानिए पूरे देश के लिए कैसे बन रहा खतरा ये वायरस...कोरोना के बाद केरल में एक नया वायरस बरपा रहा कहर...

अभी भी केरल में 2 लाख से ज्यादा एक्टिव कोविड केस है, इस बीच निपाह वायरस की दस्तक ने पूरे केरल सहित देश को मुश्किल में डाल दिया है.

जानिए पूरे देश के लिए कैसे बन रहा खतरा ये वायरस...कोरोना के बाद केरल में एक नया वायरस बरपा रहा कहर...

देश के ज्यादातर राज्यों में कोरोना के केस कम हो रहे हैं, लेकिन केरल में कोरोना विकराल होता जा रहा है. केरल में कोरोना के बीच एक नये वायरस ने भी कहर बरपाना शुरू कर दिया है, जो कोरोना से भी ज्यादा घातक है. एक ऐसा वायरस, जो कोरोना की तरह ही लाइलाज है..

आइए जानते हैं आखिर क्या है ये नया वायरस और कैसे कोरोना के साथ-साथ ये नया वायरस भी सिर्फ केरल नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए खतरे का सबब बन गया है. केरल में एक और वायरस ने इंसानों पर हमला बोल दिया है. उस वायरस का नाम है निपाह जिसने केरल में लोगों की जान लेनी शुरू कर दी है.

अभी भी केरल में 2 लाख से ज्यादा एक्टिव कोविड केस है, इस बीच निपाह वायरस की दस्तक ने पूरे केरल सहित देश को मुश्किल में डाल दिया है. निपाह वायरस की चपेट में आने से केरल के कोझिकोड में 12 साल के एक बच्चे की मौत हो गई. बच्चे के संपर्क में आने वाले अब तक 251 लोगों की पहचान हो चुकी है, जिनमें से 11 लोगों में संक्रमण के लक्षण दिखाई पड़े हैं

बताजा जा रहा कि बच्चे के घर के आसपास करीब 3 किलोमीटर के इलाके को सील कर दिया गया है. कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की जा रही है, टेस्टिंग की जा रही है. निपाह वायरस कोई नया वायरस नहीं है लेकिन कोविड की तरह इसकी भी कोई दवा नहीं है. कोरोना की तो वैक्सीन बन चुकी है, लेकिन निपाह वायरस के लिए वैक्सीन भी नहीं बन सकी है. कोरोना की तरह इसके संक्रमण की पुष्टि भी RT-PCR टेस्ट से होती है.

आम तौर पर यह वायरस चमगादड़ों और जानवरों के जरिए इंसानों में फैलता है और फिर एक संक्रमित इंसान के संपर्क में आने वाले दूसरे इंसानों में.

कोरोना वायरस जैसे लक्षण

निपाह वायरस से संक्रमण के कई लक्षण कोरोना वायरस जैसे हैं..जैसे बुखार आना, सांस लेने में तकलीफ, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, गले में खराश, थकान, उल्टी आना. बहुत गंभीर मामलों में इनसेफ्लाइटिस और निमोनिया के लक्षण भी दिख सकते हैं.

निपाह वायरस से संक्रमित रोगी 24 से 48 घंटे में मरीज को कोमा में पहुंचा सकता है. संक्रमित होने वाले शख्स के मरने की आशंका 60 से 70 फीसदी तक होती है. इसकी ना कोई दवा है और ना वैक्सीन. इसलिए एहतियात ही बचाव है. इसलिए साबुन और पानी से बार-बार हाथ धोते रहें. फल खाने से पहले अच्छी तरह धो लें. अगर जानवरों के संपर्क में आते हैं, तो मास्क और ग्लव्स जरूर पहनें.

साल 2018 में भी केरल में निपाह ने कहर बरपाया था. 17 लोगों की जान ले ली थी. लेकिन अब जब केरल में तीसरी लहर आने का दावा किया गया है. तब ये सिर्फ केरल हीन नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए खतरा बन सकता है. इस बीच केरल के साथ-साथ महाराष्ट्र में भी कोरोना की तीसरी लहर ने दस्तक दे दी है. मुंबई और नागपुर में भी तीसरी लहर की शुरुआत होने का दावा किया गया है.