कांग्रेसी नेता पंकज सिंह के समर्थन में थाने पहुंचे विधायक शैलेश पांडेय दिया बड़ा बयान, हम टीएस सिंहदेव के लोग हैं तो क्या पुलिस हमें पकड़-पकड़कर ठोकेगी?

कांग्रेसी नेता पंकज सिंह के समर्थन में थाने पहुंचे विधायक शैलेश पांडेय दिया बड़ा बयान, हम टीएस सिंहदेव के लोग हैं तो क्या पुलिस हमें पकड़-पकड़कर ठोकेगी?
Cortecy social media

बिलासपुर। शहर विधायक शैलेश पांडे के बयान से फिर सियासी पारा चढ़ गया है। अपनी ही सरकार के गृह विभाग कर अधीनस्थ पुलिस व्यवस्था को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि हम टीएस सिंहदेव के लोग हैं, इसलिए क्या पुलिस हमें पकड़-पकड़कर ठोक रही है? यह बयान तब आया है जब विधायक के करीबी और स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के समर्थक पंकज सिंह पर कोतवाली पुलिस ने बिना जांच के एफआईआर दर्ज कर ली

पंकज सिंह पर आईपीसी की धारा 186, 353 सहित अन्य धाराओं पर मामला  दर्ज किया। होना क्या था ? कांग्रेस पार्टी में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव का ओहदा रखने वाले पंकज सिंह के समर्थन में स्वयं विधायक शैलेष पांडे और सैकड़ों की संख्या में युवा बुधवार करीब एक बजे शहर  कोतवाली थाने का घेराव करने पहुंच गए। जमकर नारेबाजी करते हुए हंगामा मचाया गया ।

थाना परिसर में तनाव को देखते हुए पुलिस अफसर पहुंच गए हैं। एहतियात के तौर बड़ी संख्या में जवानों की तैनाती भी कर दी गई है। वही विधायक शैलेष पांडे ने अपने समर्थक पंकज सिंह के साथ पुलिस अधिकारियों से बंद कमरे में चर्चा की और बाहर निकल कर आए। बाहर निकलकर मीडिया से विधायक ने कहा कि कांग्रेस नेता पंकज पर पुलिस ने झूठे आरोप पर आपराधिक प्रकरण दर्ज किया है। और यह भी कहा कि पुलिस अधिकारियों ने कहा कि उन्हें ऊपर से फोन आया था, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया। हालांकि विधायक ने पूछने के बाद भी उस ऊपर वाले का नाम नहीं बताया।  साथ ही विधायक ने कहा कि हम टीएस सिंह देव के लोग है तो क्या पुलिस हमें ही पकड़ पकड़कर ठोकेगी? विधायक ने उनके ऊपर भी लॉकडाउन के समय एक साल पहले राशन बांटने के दौरान हुई एफआईआर का भी मामला ताजा किया।

दरअसल इससे पहले भी विधायक शैलेश पांडे ने उनके समर्थकों और उनके ऊपर हुए मामलों को लेकर राजनीतिक रंग को गाढ़ा किया था। उनके समर्थक मोती थावरानी ने जब यातायात पुलिस के आरक्षक के साथ विवाद कर थप्पड़ जड़ दिया, तब भी तारबाहर थाने में जमकर हंगामा हुआ। वहीं एक बार सरकंडा व तारबाहर थाने के नवनिर्मित भवन के वर्चुअल उद्घाटन में गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू के सामने ही थाने की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए रेट लिस्ट लगाने तक की बात कह दी थी। फिलहाल एक बार फिर विधायक शैलेष पांडेय अपने इस बयान को लेकर चर्चा में हैं। उनके आरोपों व बयान से छत्तीसगढ़ की राजनीति में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और मंत्री टीएस सिंहदेव के बीच आधे-आधे साल की सत्ता को लेकर दिल्ली तक हुई दौड़ा-धूपी और चर्चाओं का घटनाक्रम ताजा हो गया है। 

युवा कांग्रेसी नेता के मामले में  जानकारी मिली कि शनिवार की रात मसानगंज निवासी मरीज को सिम्स में भर्ती कराया गया था। देर रात मेडिसीन विभाग के डॉक्टर ने जांच के बाद एमआइआर कराने की सलाह दी। इस पर स्वजन मरीज को लेकर मेडिसीन विभाग पहुंचे। वहां टेक्नीशियन तुलांचद टांडे ड्यूटी पर थे। उन्होंने मरीज के स्वजन को मशीन चालू होने तक इंतजार करने के लिए कहा। इसके बाद तकनीकि गड़बड़ी होने की जानकारी देकर टेक्नीशियन ने थोड़ा समय लगने की बात कही। इसी बीच मरीज के स्वजन फोन कर इसकी जानकारी कांगे्रस नेता पंकज सिंह को दी। इस पर पंकज सिंह देर रात सिम्स पहुंच गए। आरोप है कि उन्होंने रेडियोलॉजी विभाग के टेक्नीशियन से विवाद किया व कर्मचारी को गलियारे में ले जाकर हाथपाई भी की। इस घटना के बाद सोमवार को विरोध स्वरूप कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया था। इस मामले को लेकर पंकज सिंह के खिलाफ कोतवाली थाने में शिकायत भी दर्ज करा दी।  मंगलवार को पुलिस ने पंकज सिंह के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा व मारपीट का मामला दर्ज कर लिया है। जबकि विधायक का कहना था कि पंकज सिंह के साथी चित्तू अवस्थी ने अपने किसी संबंधी को लेकर सिम्स में एमआरआई कराने पहुंचे जिसपर टेक्नीशियन ने फ़िल्म न होने व अन्य बातों को लेकर न नुकुर की। जिस पर चित्तू ने पंकज सिंह को फोन घुमाया। पंकज सिंह सिम्स पहुंचे और समझाइस दी और अधिकारियों से बात भी की। टेक्नीशियन से मारपीट जैसी कोई घटना नही हुई।