धान खरीदी - किसानों  को  बारदाना की व्यवस्था न करना किसानों के साथ अन्याय है. सुनिता वर्मा 

धान खरीदी - किसानों  को  बारदाना की व्यवस्था न करना किसानों के साथ अन्याय है. सुनिता वर्मा 


  बलौदाबाजार।  प्रदेश मे आज से प्रारंभ हुए धान खरीदी मे किसानों को बारदाना की व्यवस्था करने कहा जा रहा है जो प्रदेश शासन की नाकामी को दर्शा रहा है. यह सीधे सीधे गरीब किसानों पर अन्याय है.  उक्त बातें भाजपा जिला मंत्री व पूर्व जनपद सभापति सुनीता वर्मा ने जारी बयान में कही. 

वर्मा ने कहा कि छ ग सरकार द्वारा लगातार अन्नदाताओं के साथ अन्याय कर रहीं है,किसान बारदाने के लिए व्यापारियों के चक्कर काट रहें हैं, बाजार में बारदानों की कीमत 35 से 40 रुपया में बिक रही है, वही छ ग सरकार मात्र 18 रु के दर से किसानों भुगतान करने की बात कह रही है, .

जो किसानों के साथ छल है, अगर सरकार चाहती तो जो किसानों को बारदाना खरीदने को कह रही है वह स्वंय खरीदकर किसानों को उपलब्ध करवा सकती थी।  वही पिछले वर्ष भी सहकारी समितियों के माध्यम से धान की खरीदी की गई थी,तो क्या सरकार को यह जानकारी नहीं थी,की इस वर्ष कितनी मात्रा में धान खरीदनी है और कितने बारदानों की आवश्यकता पड़ेगी। 

सरकार की यह खरीद की अधूरी नीति के कारण किसान परेशान हो रहे हैं, एक तरफ छ ग सरकार किसानों की हितैषी होने का ढोल पिट रही है और दूसरी तरफ शोषण की नीति अपना रही है,, सुनीता वर्मा ने आगे बताया कि सहकारी समितियों में भी धान खरीदी की आधी अधूरी व्यवस्था की गई है !

जिससे टोकन कटवाने से लेकर तौल कराने तक काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है,सहकारी समितियों में महज 10 दिन के लिए ही बारदाने उपलब्ध करा पाई है, जो आगे चलकर धान खरीदी प्रभावित होने के साथ ही किसानों के लिए एक बड़ी समस्या बन सकती है,  उन्होंने  छत्तीसगढ़  सरकार से मांग करते हुए कहा कि किसानों से 25  फीसदी बारदाना लाये जाने के फैसले को शीघ्र वापस लेकर स्वयं बारदाना उपलब्ध कराकर अन्नदाताओं के साथ न्याय करें ।