Pakistan Election Commission - इमरान के ‘बागी विधायकों’ को चुनाव आयोग ने घोषित किया ‘अयोग्य’, जानें कैसे खतरे में पड़ी PM शहबाज के CM बेटे की कुर्सी

इमरान खान की पार्टी PTI के 25 बागी विधायकों के वोट ने हमजा शरीफ को पाकिस्तान के सबसे बड़े प्रांत पंजाब में बहुमत दिलाने में मदद की थी. इसके बाद ही वह सीएम बने थे.

Pakistan Election Commission - इमरान के ‘बागी विधायकों’ को चुनाव आयोग ने घोषित किया ‘अयोग्य’, जानें कैसे खतरे में पड़ी PM शहबाज के CM बेटे की कुर्सी
इमरान खान और शहबाज शरीफ

पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान  की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के 25 बागी विधायकों को ‘अयोग्य’ घोषित कर दिया. इन विधायकों पर पंजाब प्रांत की विधानसभा में पिछले महीने मुख्यमंत्री के चुनाव में पार्टी के निर्देश के खिलाफ मतदान करने का आरोप था. इस वजह से अब विधायकों को उनके ‘पद से हटा दिया’ गया है. चुनाव आयोग ने पिछले महीने पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार हमजा शहबाज के पक्ष में मतदान करने पर 25 बागी विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने संबंधी मामले में अपना फैसला सुनाया.

निर्वाचन आयोग  Pakistan Election Commission ने अपने सर्वसम्मत फैसले में कहा कि PTI के विधायकों ने संविधान के अनुच्छेद 63-ए के तहत ‘दोषपूर्ण’ कार्य किया, इसलिए उन्हें ‘पद से हटना पड़ेगा.’ पद से हटने का मतलब है कि विधायक अपनी सीट खो चुके हैं, लेकिन वे अयोग्य के तौर पर नहीं देखे जाएंगे. ऐसे में PTI के ये बागी सदस्य इन सीट पर होने वाले उपचुनाव में हिस्सा ले सकते हैं. आयोग ने 17 मई को इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था. पद से हटाए गए विधायक एक महीने के भीतर सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर कर सकते हैं. देश की शीर्ष अदालत के पास मामले की सुनवाई के लिए 90 दिनों का वक्त होगा.

खतरे में शहबाज के बेटे हमजा की सीएम कुर्सी

पाकिस्तान के संविधान का अनुच्छेद 63-ए सांसदों को प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री के चुनाव के मामले में, विश्वास मत या अविश्वास मत और धन विधेयक या संविधान (संशोधन) विधेयक पर पार्टी के निर्देशों का उल्लंघन करते हुए वोटिंग या उससे परहेज करने पर रोक लगाता है. ये फैसला सुप्रीम कोर्ट के अनुच्छेद 63-ए के बारे में फैसले के आलोक में बहुत ही जरूरी नजर आता है. अनुच्छेद 63-ए दलबदल पर सांसदों की अयोग्यता से जुड़ा हुआ है, जिसका ऐलान इस हफ्ते के शुरुआत में किया गया था. शीर्ष अदालत ने फैसला सुनाया था कि बागी विधायकों के वोटों की गिनती नहीं की जा सकती है, जिससे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के बेटे हमजा शहबाज के भविष्य पर सवालिया निशान लग गया है.

पंजाब के मुख्यमंत्री पद के चुनाव में हमजा शहबाज को कुल 197 मत मिले थे जबकि बहुमत के लिए 186 मतों की आवश्यकता थी. PTI के 25 बागी विधायकों के वोट ने हमजा को पाकिस्तान के सबसे बड़े प्रांत पंजाब में बहुमत दिलाने में मदद की थी. राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि चुनाव आयोग का फैसला पाकिस्तान में राजनीतिक संकट को और गहरा कर देगा. इसकी वजह से पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान जल्द चुनाव कराए जाने का दबाव भी बना सकेंगे.