पत्रकार व याचिकाकर्ता के ऊपर दर्ज मामले को लेकर लामबंद हुए प्रेस संघठन, कलेक्टर एसपी व जनप्रतिनिधियों को दिये ज्ञापन...

पत्रकार व याचिकाकर्ता के ऊपर दर्ज मामले को लेकर लामबंद हुए प्रेस संघठन, कलेक्टर एसपी व जनप्रतिनिधियों को दिये ज्ञापन...

पत्रकार व याचिकाकर्ता के ऊपर दर्ज मामले को लेकर लामबंद हुए प्रेस संघठन,

कलेक्टर एसपी व जनप्रतिनिधियों को दिये ज्ञापन,

मामला वापस लेने व शिकायतकर्ता को सुरक्षा देने सहित खनिज अधिकारी पर कार्रवाई की मांग की

नरसिंहपुर:- नरसिंहपुर जिले की नदियों में पर्यावरण मंजूरी की शर्तों का उल्लंघन करते हुए हो रहे अवैध उत्खनन के विरुद्ध करेली निवासी पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता रमाकांत कौरव ने एनजीटी न्यायालय में याचिका दायर की है। एनजीटी के निर्देश पर गठित जांच दल अवैध उत्खनन मौका जांच कर रहा है। बीते सोमवार को नर्मदा की घाटपिपरिया रेत खदान में जांच के दौरान जिला खनिज अधिकारी ओपी बघेल द्वारा वहीं तट पर मौजूद पत्रकार एवं याचिकाकर्ता रमाकांत कौरव को डराते धमकाते हुए वहां से बाहर जाने का दबाव बनाने मामला सामने आया था जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल है।

उक्त घटनाक्रम को लेकर रमाकांत कौरव द्वारा पुलिस अधीक्षक के कार्यालय में शिकायत हेतु आवेदन भी दिया था। लेकिन पुलिस द्वारा खनिज अधिकारी की शिकायत पर उल्टे शिकायतकर्ता पर ही मामला दर्ज कर लिया गया है। जिसके विरोध में गुरुवार को सभी प्रेस संघठन एवं जिले के पत्रकार लामबंद हो गए। पत्रकारों ने इसे प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला बताया एवं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम सहित राज्य सभा सांसद कैलाश सोनी तथा नरसिंहपुर विधायक जालम सिंह पटेल, नरसिंहपुर कलेक्टर वेद प्रकाश एवं एसपी विपुल श्रीवास्तव को ज्ञापन सौंपकर दर्ज एफआईआर वापिस लेने एवं खनिज अधिकारी ओपी बघेल के विरुद्ध कार्रवाई की मांग के साथ पत्रकार एवं याचिकाकर्ता रमाकांत कौरव को जान का खतरा होने की वजह से सुरक्षा व्यवस्था प्रदान करने की मांग की गई।


                  प्रेस क्लब के नेतृत्व में श्रमजीवी पत्रकार परिषद, जर्नलिस्ट एसोसिएशन ऑफ मप्र सहित प्रेस परिषद करेली के सदस्यों की मौजूदगी में दिए ज्ञापन के माध्यम से पत्रकारों ने बताया है कि शिकायतकर्ता ने पूर्व में ही दिनांक 12 अप्रेल 2021 को लिखित आवेदन देकर इस बात की संभावना जताते हुए पुलिस अधीक्षक को अवगत कराया था कि जिले की रेत ठेकेदार कम्पनी धनलक्ष्मी मर्चेंडाइस प्रा.लि. द्वारा किये जा रहे अवैध रेत उत्खनन के विरुद्ध शिकायत एवं न्यूज कवरेज सहित एनजीटी में दायर याचिका को लेकर धनलक्ष्मी कम्पनी एवं अन्य अवैध उत्खननकारियों द्वारा सम्बंधित प्रशासनिक अधिकारियों से मिलीभगत करके शिकायतकर्ता के ऊपर झूठा मामला कायम कराने की कोशिश की जा सकती है। साथ ही जानलेवा हमला भी किया जा सकता है। पूर्व में भी हमला होने के साथ साथ धमकियां भी मिल चुकी हैं। शिकायतकर्ता द्वारा झूठे मामले की आशंका जताने के बावजूद भी खनिज अधिकारी के आवेदन की जांच नहीं कि गई और सीधे प्रकरण दर्ज कर लिया गया इस बात को लेकर पत्रकारों ने आक्रोश व्यक्त किया।


           ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया है कि न्यूज कवरेज करना पत्रकार का धर्म एवं अधिकार है जिससे उसे रोकना एवं दुर्भावना वश झूठा मामला बनाया जाना प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला है और उसके अधिकारों पर कुठाराघात है। अतः जिला खनिज अधिकारी ओ.पी. बघेल के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जावे साथ ही झूठे मामले में फसाने एवं जान के खतरे को लेकर सुरक्षा व्यवस्था प्रदान की जाए। यदि जल्द ही पत्रकार व याचिकाकर्ता रमाकांत कौरव पर बनाया गया झूठा मामला वापस नहीं लिया जाता और खनिज अधिकारी पर कार्रवाई नहीं की जाती तो नरसिंहपुर जिले के समस्त पत्रकार व पत्रकार संघठन क्रमशः आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।