विधायक शैलेष पांडे को 6 साल के लिए कांग्रेस पार्टी से बाहर करने की हुई अनुशंसा, पीसीसी व अनुशासन समिति का इस बार क्या होगा निर्णय!

विधायक शैलेष पांडे को 6 साल के लिए कांग्रेस पार्टी से बाहर करने की हुई अनुशंसा, पीसीसी व अनुशासन समिति का इस बार क्या होगा निर्णय!

बिलासपुर। विधायक शैलेश पांडे लगातार अपनी ही सरकार के खिलाफ बयानबाजी के लिए प्रदेश की सियासत में विख्यात होने लगे हैं। फिर वह अपनी ही सरकार के गृह विभाग की पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल करने और पुलिस द्वारा तथाकथित दवाब देकर उनपर और समर्थकों के ऊपर हो रही पुलिसिया कार्रवाई के फेंके तीर से सरकार पर निशाना साध रहे हैं। हालांकि विधायक ने कई बार ऐसा किया है। जिसपर जिला से लेकर प्रदेश कांग्रेस संगठन ने उनका साथ दिया है। लेकिन इस बार बिलासपुर शहर कांग्रेस कमेटी ने उन पर 6 साल के लिए कांग्रेस पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाने की अनुशंसा पीसीसी से कर दी ।

दरअसल जिला अस्पताल में कांग्रेस के नेता  पंकज सिंह द्वारा एक स्वास्थ्य कर्मी के साथ की गई मारपीट और उसके बाद बुधवार को सिटी कोतवाली थाने के घेराव के मामले को कांग्रेस ने गंभीरता से लिया है। विधायक शैलेश पांडे द्वारा इस मामले में सिटी कोतवाली के घेराव के समय जो बातें कही। उसे लेकर गुरुवार को कांग्रेस भवन बिलासपुर की जिला कांग्रेस कमेटी की बैठक में घोर अनुशासनहीनता माना और इस अनुशासनहीनता के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें कांग्रेस से 6 साल के लिए निष्कासित करने की करने की अनुशंसा की गई है।

 दरअसल विधायक ने पुलिसिया कार्रवाई को बदले की कार्रवाई बताया था, उन्होंने कहा था कि पुलिस अधिकारियों ने कहा कि उन्हें ऊपर से फोन आया था साथ ही विधायक ने प्रदेश की सियासत को गर्म करने के लिए यह तक कह डाला था कि 'हम टीएस सिंहदेव के लोग हैं तो क्या पुलिस हमें ही पकड़ पकड़कर ठोकेगी? विधायक ने उनके ऊपर भी लॉकडाउन के समय राशन बांटने के दौरान हुई एफआईआर का भी मामला दोहराया था। 


इस घटनाक्रम के पहले जब विधायक एक बार सरकंडा व तारबाहर थाने के नवनिर्मित भवन के वर्चुअल उद्घाटन में थे तो गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू के वर्चुअल उपस्थित में थाने की कार्यप्रणाली गंभीर आरोप लगाते हुए थाने के सामने रेट लिस्ट लगाने तक की बात कह दी थी। पूर्व कांग्रेस कमेटी के ब्लॉक अध्यक्ष तैयब हुसैन से हुए विवादित घटनाक्रम में पीसीसी ने उनकी बात पर ब्लॉक अध्यक्ष को पद से हटा दिया था। लेकिन इस बार पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम व कांग्रेस संगठन क्या निर्णय लिया है इस पर सियासी चर्चाएं चल रही हैं??

घटनाक्रम के 1 दिन बाद गुरुवार को सतनामी समाज ने विरोध दर्ज किया। फिर कांग्रेस भवन में बैठक रखी गई। बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रमोद नायक ने बैठक में लिए गए उक्त निर्णय की जानकारी दी। श्री नायक ने बताया कि यह प्रस्ताव प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष व पदाधिकारी को भेज दिया गया और साथ ही इस प्रस्ताव की जानकारी अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया जी को भी प्रेषित कर दी जाएगी। इस दौरान उनके साथ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष अटल श्रीवास्तव महापौर,रामशरण यादव तथा जिला पंचायत के अध्यक्ष अरुण सिंह चौहान समेत कई नेता उपस्थित थे।