धोखाधड़ी के मामले सरपंच गिरफ्तार,,तालाब निर्माण कर सप्लायर को भुगतान नही करने पर सप्लायर के द्वारा लोरमी थाने में कई गयी थी शिकायत

धोखाधड़ी के मामले सरपंच गिरफ्तार,,तालाब निर्माण कर सप्लायर को भुगतान नही करने पर सप्लायर के द्वारा लोरमी थाने में कई गयी थी शिकायत

लोरमी -- धोखाधड़ी मामले में लोरमी पुलिस के द्वारा बड़ी कार्रवाई की गई है जिसमें एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है जो कि ग्राम पंचायत सुकली का सरपंच नोहर सिंह राजपूत है। बता दें कि ग्राम पंचायत सुकली में 2 तालाब का निर्माण किया गया था जिसमें गांव के ही निवासी विनोद सिंह राजपूत के द्वारा मैटेरियल सप्लाई किया गया था जिसकी राशि पांच लाख पचास हजार रुपये का भुगतान के लिए सप्लायर के द्वारा सरपंच से लगातार कहा जाता था लेकिन सरपंच के द्वारा राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा था जिसके कारण हताश होकर सप्लायर विनोद सिंह राजपूत के द्वारा न्यायालय का शरण लिया गया जहां पर न्यायालय के द्वारा सरपंच नोहर सिंह राजपूत को मैटेरियल सप्लाई का भुगतान करने कहा गया था लेकिन सरपंच मलनोहर सिंह के द्वारा फर्जी तरीके से नकली स्टांप पेपर बना कर सहमति पत्र बनवाया गया था जिसकी शिकायत विनोद सिंह राजपूत के द्वारा लोरमी थाने में अक्टूबर महीने में की गई थी जिसकी जांच लोरमी पुलिस के द्वारा की जा रही थी वहीं जांच में लोरमी पुलिस ने पाया कि सरपंच नोहर सिंह राजपूत के द्वारा धोखाधड़ी करते हुए नकली स्टांप पेपर बना कर सहमति पत्र दिया गया है जिस पर धारा 420,467,468,471 के तहत मामला पंजीबद्ध कर आरोपी सरपंच नोहर सिंह राजपूत को गिरफ्तार किया गया है।

इस मामले में लोरमी थाना के उप निरीक्षक राजकुमार साहू ने बताया कि ग्राम सुकली के विनोद राजपूत के द्वारा शिकायत किया गया था कि सुकली पंचायत में सरपंच के द्वारा 2 तालाब निर्माण किया गया था जिसमें मेरे द्वारा मैटेरियल सप्लाई किया गया था जिसका भुगतान पांच लाख पचास हजार रुपये बकाया था जिसके लिए सरपंच से बार बार कहने पर भी भुगतान नहीं दिया जा रहा था जिससे हताश होकर विनोद राजपूत न्यायालय की शरण में गया था जिस पर न्यायालय ने सरपंच को भगतान करने के लिए आदेशित किया गया था लेकिन सरपंच के द्वारा फर्जी तरीके से नकली स्टाम्प पेपर बनाकर सहमति पत्र पेश किया गया था जिसकी शिकायत विनोद राजपूत के द्वारा अक्टूबर माह में की गई थी जिसमें एफ आई आर दर्ज कर जांच किया गया जांच में उक्त मामले में सरपंच नोहर सिंह राजपूत के द्वारा धोखाधड़ी कर ना पाया गया जिसके खिलाफ धारा 420,467,468,471 के तहत कार्यवाही करते हुए रिमांड पर भेजा जा रहा है।