स्मृति शेष - संघर्ष में बीता पत्रकारिता के नौ बरस, जिला ब्यूरो प्रमुख से संपादक तक सफर....वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू की प्रथम पुण्यतिथि ( 5 मई ) पर पुण्य स्मरण

स्मृति शेष -   संघर्ष में बीता पत्रकारिता के नौ बरस, जिला ब्यूरो प्रमुख से संपादक तक सफर....वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू की प्रथम पुण्यतिथि ( 5 मई ) पर पुण्य स्मरण

पत्रकारिता के क्षेत्र में नौ वर्ष की अवधि काफी छोटी मानी जाती है, इतना समय तो लोगों के सिखने-सिखाने में ही बीत जाता है. ऐसे में कक्षा नवमीं तक की पढ़ाई के बाद 18 साल तक पढ़ाई से दूर रहते हुए पान ठेला चलाते, कटिंग-टेलरिंग का काम करते किसी तरह अपने और अपने परिवार का भरण पोषण करने वाले कुंजबिहारी साहू का शिक्षा के क्षेत्र में वापसी करते हुए दसवीं, बारहवीं, आईटीआई, बीए, एमए करना जितनी बड़ी उपलब्धि है, कमोवेश उतनी ही बड़ी उपलब्धि पत्रकारिता के क्षेत्र में बीते उनके नौ बरस रहे, जिसमें वे दैनिक समाचार पत्र के जिला ब्यूरो, न्यूज चैनलों के जिला प्रतिनिधि से लेकर वेब पोर्टल के संपादक तक रहे। अपने छोटे भाई का हाथ थामें पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखने वाले कुंजबिहारी साहू ने जिला ब्यूरो होते हुए भाई का घर छोटा होने पर कई रातें आफिस में सोकर ही गुजारी। 05 मई 2021 को 45 वर्ष की अल्प अवधि में ही हम सब को छोड़कर बहुत दूर चले जाने वाले वरिष्ठ पत्रकार स्व. कुंजबिहारी साहू की प्रथम पुण्यतिथि ( 5 मई ) के अवसर पर प्रस्तुत यह आलेख, आज की युवा पीढ़ी को बहुत कुछ करने, परिस्थितियों से लड़ने और हार न मानने का जज्बा देता है. 

छत्तीसगढ़ की काशी के नाम से विख्यात जांजगीर-चांपा जिले के नगर पंचायत खरौद में एक सामान्य कृषक परिवार बिसंभर प्रसाद साहू और गृहिणी मोरिन बाई के घर में 26 जून 1975 को कुंजबिहारी साहू का जन्म हुआ था। कक्षा नवमीं तक की पढ़ाई पूरी करने के बाद परिस्थितिवश, कुंजबिहारी साहू को कक्षा दसवीं की पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ी, जिसके बाद गांव में ही उन्होंने कटिंग-टेलरिंग की दुकान खोल ली, साथ ही पान ठेला भी चलाते रहे. इस बीच उनकी शादी हुई, एक लड़का, दो लड़की सहित तीन बच्चे हुए। कटिंग-टेलरिंग के काम में कुंजबिहारी दक्ष थे ही, सो उन्होंने उसी विषय में आईटीआई भी कर लिया। घर की बिजली सुधारते इलेक्ट्रिशियन का काम भी वे खुद कर लेते। इस तरह उनके परिवार की गाड़ी आगे सरकती रही।

छोटे भाई का समाचार देखते-सुनते जागा पत्रकारिता में रूझान

छोटे भाई राजकुमार साहू हरिभूमि के माध्यम से जिला मुख्यालय जांजगीर में पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रख चुके थे, जो एक-एक पायदान उपर चढ़ते आकाशवाणी और दूरदर्शन के जिला प्रतिनिधि थे. ऐसे में भाई की खबरों को पढ़ना, देखना और सुनना कुंजबिहारी साहू की आदतों में शुमार हो चुका था। समाचारों को लेकर लगभग रोज ही उनकी छोटे भाई से चर्चा हो जाती। आकाशवाणी में प्रसारित भाई के समाचारों को रिकार्ड कर वो छोटे भाई को गिफ्ट करते। इस बीच पढ़ाई छोड़ने के लगभग 18 साल बाद कुंजबिहारी साहू फिर से पढ़ाई के क्षे़त्र में वापस लौटे और उन्होंने प्रायवेट पहले कक्षा दसवीं, फिर कक्षा बारहवीं और उसके बाद बीए की पढ़ाई पूरी की। इस बीच शिवरीनारायण में उन्होंने कम्प्यूटर और इंटरनेट की बेसिक जानकारी लेते हुए टायपिंग सिखी। बाद में, पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखने के बाद भी उन्होंने आगे की पढ़ाई जारी रखी तथा कोपा  ( कम्प्यूटर ) में आईटीआई, बीए और हिन्दी साहित्य में एमए किया।

जिला ब्यूरो से लेकर संपादक तक का सफर

छोटे भाई पत्रकार राजकुमार साहू से लगातार समाचारों को लेकर विचार-विमर्श होने और उनके समाचारों को देखते, सुनते, पढ़ते हुए कुंजबिहारी साहू का झुकाव समाचारों के प्रति हो चुका था. राजकुमार साहू इलेक्ट्रानिक मीडिया और प्रिंट मीडिया दोनों संभाल रहे थे. ऐसे में कुंजबिहारी साहू की पत्रकारिता के क्षेत्र में एंट्री भी दैनंदिनी अखबार के जिला ब्यूरो के रूप में हुई। लिंक रोड में छोटे भाई के साथ संयुक्त रूप से समाचार पत्र के लिए एक आफिस किराए पर लिया गया। आर्थिक दिक्कतों के चलते दैनंदिनी का जिला ब्यूरो होते हुए भी इसी आफिस में सोकर उन्होंने राते गुजारी। साधना न्यूज के जिला ब्यूरो के रूप में कुंजबिहारी साहू ने इलेक्ट्रानिक मीडिया में कदम रखा, वहीं बाद में उन्होंने 'न्यूज एक्सप्रेस' ज्वाइन कर लिया, जिसका नाम आगे चलकर 'स्वराज एक्सप्रेस' हो गया। बाद में वे 'आईएनएच न्यूज' में आ गए। उनके काम के प्रति दीवानगी को याद करते हुए छोटे भाई राजकुमार साहू बताते हैं कि इलेक्ट्रानिक मीडिया का पत्रकार होते कई बार रात में दो-तीन बजे तक सफर करना पड़ा, वहीं घर वापसी में कई बार धुंध इतनी रहती कि मोटर सायकल और कार से दस की स्पीड में चलते हुए घर पंहुचे, फिर भी भैया के चेहरे पर कभी जरा सा भी सिकन नजर नहीं आई। अगली सुबह वो फिर से उसी एनर्जी के साथ समाचार के लिए निकलने तैयार नजर आते। केएसके महानदी पाॅवर प्लांट के बाहर धरना प्रदर्शन करते पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के मंच के टूटकर गिरते हुए फुटेज सिर्फ भैया के कैमरे में ही रिकार्ड हुई थी। सितंबर 2019 में कुंजबिहारी साहू ने स्वयं का न्यूज पोर्टल 'खबर सीजी न्यूज' प्रारंभ कर लिया. 05 मई 2021 को हम सबको छोड़कर जाने से पहले तक वो इसके संपादक की भूमिका में लोगों तक एक्सक्लूजिव खबरें पंहुचाते रहे। पत्रकारिता में तेजी से काम करने की उनकी जीवटता थी, जिसे लोग आज भी याद करते हैं. 

छोटे भाई के साथ राम-लक्ष्मण सी जोड़ी रही

परिस्थितियां चाहे जैसे भी रही हो, पर कुंजबिहारी साहू के चेहरे पर हमेशा मुस्कान ही लोगों को नजर आई। आईबीसी 24 के जिला प्रतिनिधि छोटे भाई राजकुमार साहू के साथ उनकी जोड़ी को सहयोगियों ने राम-लक्ष्मण की जोड़ी कही । राजकुमार साहू पत्रकारिता के क्षेत्र में पहले से जुड़े थे. ऐसे में फिल्ड में वो कई बार कुंजबिहारी साहू का मार्गदर्शन करते हुए बड़ा होते हुए भी राम की जगह लक्ष्मण की भूमिका में नजर आए तो वहीं घर-परिवार को संभालने में वे राम की भूमिका में ही नजर आए।

शिक्षक दोस्त भी बच्चे को देते हैं उनका उदाहरण

कक्षा नवमी तक की पढ़ाई करने के बाद कुंजबिहारी साहू ने अपनी पढ़ाई छोड़ दी थी, जिसके लगभग 18 साल बाद फिर से शिक्षा के क्षेत्र में वापस लौटते उन्होंने लोगों को संदेश दिया कि शिक्षा प्राप्त करने की कोई उम्र नहीं होती। खरौद में बचपन में उनके सहपाठी बताते हैं, कभी पान ठेले में बैठकर पान बनाने वाला और कटिंग टेलरिंग का कार्य करने वाला युवक जब माईक आईडी थामें कलेक्टर, एसपी और मंत्रियों का इंटरव्यू लेते नजर आए तो बच्चों के लिए वो एक उदाहरण तो पेश करते हैं. यही वजह है कि वे अपने स्कूल के बच्चों से कहते थे कि एक दिन उन्हें पत्रकार कुंजबिहारी साहू से मिलवाएंगे। वे अपने स्कूल के बच्चों से कुंजबिहारी को मिलवा पाते, उससे पहले ही लोगों के लिए हार न मानने, परिस्थितियों से लड़ने, मन में लगन और जज्बा हो तो कुछ भी असंभव नहीं होने का उदाहरण छोड़ वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू इस दुनिया से 5 मई 2021 को रूखसत हो गए।