जिला प्रशासन के निर्देशों को चुनौती देता निर्माण एजेंसी आरईएस विभाग,निर्माण कार्यो में भारी अनियमित्ता, जानिए पूरा मामला...

जिला प्रशासन के निर्देशों को चुनौती देता निर्माण एजेंसी आरईएस विभाग,निर्माण कार्यो में भारी अनियमित्ता, जानिए पूरा मामला...

हांथी के दांत जैसा नवीन सीसी सड़क निर्माण कार्य

कोरिया - सोनहत विकासखण्ड के ग्राम पंचायत तंजरा के विहड वनांचल आश्रित ग्राम पलारीडाँड़ पहुच मार्ग को सुगम बनाने की दिशा में नवीन सीसी सड़क निर्माण का कार्य शुरू है । कुछ दिनों पूर्व ही इसका लगभग आधा निर्माण कार्य हो चुका है। जिसमे भारी अनियमित्ता सीसी सड़क निर्माण कार्य में देखा जा रहा है। सीसी सड़क निर्माण कार्य एजेंसी आरईएस के पास है । विभाग के देख रेख में निर्माण कार्य जारी है।मिली जानकारी अनुसार इस कार्य मे क्षेत्र के एक कथिक ठेकेदार सक्रिय है जो सीसी सड़क निर्माण कार्य मे अहम भूमिका अदा कर रहे है।अब अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिस शासकीय निर्माण कार्य मे कथिक ठेकेदार सक्रिय हो उस निर्माण कार्य की दिशा औऱ दशा क्या होगी। ग्रामीणों से लगातार अनियमित्ता की शिकायत सुनने को मिल रही थी । जिसके बाद हमारी टीम भी वहाँ पहुची और निर्माण कार्य को देखा । नवीन सीसी सड़क का एक हिस्सा जिसमे सुरंग बना था । सुरंग देख कर ये अनुमान लगाया गया कि जरूर ही यहाँ से सीसी सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता चेक करने के लिए यहाँ से मटेरियल विभाग द्वारा निकलवा कर जांच के लिए भेजा गया होगा या स्थानीय जिम्मेदार खुद जांच किये होंगे यहाँ तक तो सब ठीक था पर जैसे ही नजर सीसी सड़क के किनारे छोर पर गई तो गुणवत्ता साफ साफ नजर आने लगी । जिस पार्ट से अभी तक के हुए सीसी सड़क निर्माण कार्य को सायद जांच कर क्लीन चिट दे दी गई होगी वह पार्ट ही सीसी सड़क का ठीक ठाक निर्माण कार्य किया गया होगा । बाकी की स्थिति गुणवत्ता,सही माप दंड और नियम कायदों से हट कर जैसे तैसे निर्माण कार्य कराया जा रहा है। जहाँ पर निर्माण कार्य कराया जा रहा है उस स्थल पर दो से तीन किलोमीटर दूर दूर तक पानी की मौजूदगी नही है । जानकारी मुताबिक 3 से 4 किलोमीटर दूर से कथिक ठेकेदार पानी मंगवा रहे है वो भी ऐसे गांव से जहा पेयजल और निस्तारी के लिए पानी के लिए  त्राहि त्राहि है। ऐसे में सवाल लाजमी है कि पक्के सड़क निर्माण को आवश्यकता अनुसार तराई के लिए पानी भी भरपूर मात्रा में उपलब्ध होता होगा या नही। इस निर्माण कार्य में जंगल का भी दोहन भरपूर किया जा रहा गड्ढे को पहले जंगल के पत्थर तोड़ कर भरा जा रहा है । जिसके ऊपर से सीसी सड़क ढाली जाएगी । फील हाल विभागीय कोई जानकारी प्राप्त नही हुई है । एसडीओ ने कहा है कि जांच कर ही कुछ बता पाएंगे अभी तक सिर्फ एजेंसी आरईएएस है यही जानकारी दी गई है।लागत,किस माप दंड से तैयार किया जाना है। कोई भी जानकारी साझा नही की गई है। अब देखना होगा कब तक निर्माण कार्यो से जुड़े तमाम जानकारी जिम्मेदार अधिकारी दे पाएंगे। 
नवीन सीसी सड़क निर्माण की मौखिक तौर से सूत्रों के हवाले से जो जानकारी मिली है उस अनुसार तंजरा से पलारीडाँड़ पहुच मार्ग पर घाट में 5 सौ मीटर सीसी सड़क का निर्माण कार्य होना है । जिसकी लागत लगभग 24 लाख रुपए बताई जा रही है। भारी भरकम लागत होने के बावजूद एजेंसी द्वारा कथिक ठेकेदार के साँथ मिली भगत से घटिया निर्माण कार्य को अंजाम दिया जा रहा जो भविष्य में यह ग्रामीणों को मिला शौगत अभिशाप बन सकता है। 
दूसरी ओर कुछ दिनों पूर्व जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक में जिला उपाध्यक्ष वेदांती तिवारी ने निर्माण कार्यो से सही मापडंडों को दरकिनार कर निर्माण कार्य कराए जाने का विषय रखा था । जिस पर जिला पंचायत सीईओ कुणाल दुदावत ने सभी विभाग प्रमुखों को चेताया था कि निर्माण कार्यो में अनियमित्ता बर्दास्त नही की जाएगी औऱ कड़ी कार्यवाही की जाएगी । अब देखना होगा कि इस मामले में क्या कार्यवाही होती है।