अगस्त में ही शुरू हो सकती है कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर, R-वैल्यू बढ़ने के साथ कई सारे संकेत

अगस्त में ही शुरू हो सकती है कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर, R-वैल्यू बढ़ने के साथ कई सारे संकेत
प्रतीकात्मक तस्वीर। (फाइल फोटो)

कोरोना वायरस को लेकर चीन के खिलाफ एक और सबूत सामने आया है, जो इस बात को और पुख्ता करता है कि पूरी दुनिया पर मौत बनकर छाई यह महामारी कुदरती नहीं है बल्कि चीन की ही साजिश है और जिनपिंग का जैविक हथियार है. जिसकी चपेट में अब तक दुनिया के करीब 20 करोड़ लोग आ चुके हैं और उन्हें शिकार बनाने वाला वायरस वुहान लैब से ही निकला था. अमेरिकी रिपब्लिकन पार्टी ने एक रिपोर्ट पेश की है, जिसमें दावा किया गया है कि कोरोना वायरस चीन की वुहान लैब से ही फैला.

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, अमेरिकी रिपब्लिकन पार्टी ने अपनी रिपोर्ट में पर्याप्त सबूत का हवाला देते हुए कहा कि वुहान लैब में वैज्ञानिक इंसानों को संक्रमित करने के लिए वायरस को मॉडिफाई कर रहे थे और उस दौरान ही लैब से वायरस लीक हुआ. हालांकि चीन लगातार इस बात से इनकार करता आ रहा है कि कोरोना वायरस वुहान लैब से लीक हुआ है. लेकिन कहते हैं ना कि दूसरों के लिए गड्ढा खोदने वाला खुद उसमें गिरता है और ऐसा ही चीन के साथ भी हो रहा है.

चीन के 18 प्रांतों के 27 शहरों में एक बार फिर से कोरोना का संक्रमण फैलने लगा है. इनमें वो वुहान शहर भी शामिल है, जहां दुनिया का सबसे पहला कोरोना केस मिला था. वुहान में एक साल बाद फिर से कोरोना का मामला सामने आया है, जिसके बाद 1 करोड़ 10 लाख आबादी वाले वुहान में हर नागरिक का कोविड टेस्ट कराने का फैसला किया गया है.

दुनिया के 132 देशों में फैला डेल्टा वेरिएंट

चीन में कोरोना के नए विस्फोट के पीछे डेल्टा वेरिएंट बड़ी वजह माना जा रहा है. वो डेल्टा वेरिएंट, जो धीरे-धीरे पूरी दुनिया को अपनी जद में लेता जा रहा है. अब तक डेल्टा वेरिएंट दुनिया के 132 देशों में फैल चुका है. और करीब-करीब हर जगह नई लहर लेकर आ रहा है. फिर चाहें वो अमेरिका हो या यूरोप, डेल्टा वेरिएंट की वजह से संक्रमण के मामले फिर से बढ़ने लगे हैं. मिडिल ईस्ट के 22 देशों में से 15 देशों में कोरोना की चौथी लहर ने दस्तक दे दी है.

यही डेल्टा वेरिएंट हिंदुस्तान में इसी महीने तीसरी लहर आने की वजह बन सकता है. ये भविष्यवाणी देश के उन दो बड़े वैज्ञानिकों ने की है, जिनकी भविष्यवाणी दूसरी लहर को लेकर बिल्कुल सटीक निकली थी. और तीसरी लहर को लेकर उनकी भविष्यवाणी के साथ ही कई संकेत भी मिलने लगे हैं. आखिर वो क्या संकेत हैं, जिन्हें देखकर कहा जा रहा है कि देश में इसी महीने कोरोना की तीसरी लहर आएगी.

देश में आर-वैल्यू बढ़कर 1.2 हुआ

इसे लेकर सबसे बड़ा संकेत है आर-नंबर यानी रिप्रोडक्शन नंबर का बढ़ना है. अगर ये 1 से अधिक है तो इसका मतलब है कि केस बढ़ रहे हैं और 1 से कम होना या कम होते चले जाना केस घटने का संकेत होता है. लेकिन इस वक्त देश में आर नंबर बढ़कर 1.2 हो गया है. रिप्रोडक्शन नंबर अभी 1.2 है, यानी एक इंफेक्टेड आदमी एक से अधिक यानी 1.2 लोगों को संक्रमित कर रहा है.

रिप्रोडक्शन नंबर का आंकड़ा पिछली बार 7 मई को 1 पर पहुंचा था, तब कोरोना की दूसरी लहर का पीक था और उसके बाद कम होकर लगातार 1 के नीचे बना हुआ था. लेकिन अब एक बार फिर बढ़कर डेंजरस लेवल के पार पहुंच गया है. यानी अब संक्रमण उस रफ्तार से हो रहा है, जिस तरह दूसरी लहर के पीक के दौरान था. इसलिए आशंका जताई जा रही है कि देश तीसरी लहर की चपेट में आने वाला है.

सबसे ज्यादा फिक्र हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, मिजोरम, कर्नाटक, पुडुचेरी और केरल ने बढ़ा रखी है, जहां रि-प्रोडक्शन नंबर 1 से ज्यादा बना हुआ है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हमारे लिए चिंता का विषय होना चाहिए. ना सिर्फ ये नंबर अधिक है, इसके साथ ही बढ़ता दिख रहा है. वायरस नहीं थका है, हम भी नहीं थक सकते. हमें लगातार कोविड-19 से अपनी लड़ाई जारी रखनी है.”

केरल और महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा नए मामले

रिप्रोडक्शन नंबर के अलावा नए केस के ट्रेंड पर नजर डालें, तो वो भी वैसे ही हालात की ओर इशारा कर रहा है, जैसे दूसरी लहर की शुरुआत से पहले थे. केरल जहां इस वक्त देश में सबसे ज्यादा नए केस सामने आ रहे हैं. वहां दूसरी लहर की शुरुआत से पहले जनवरी में देश के 36 और फरवरी में 37 प्रतिशत मामले रिपोर्ट हुए थे. जो गिरते-बढ़ते हुए ठीक वैसे ही जुलाई में 38 प्रतिशत पर पहुंच गए. केरल के बाद सबसे ज्यादा नए केस महाराष्ट्र से रिपोर्ट हो रहे हैं और वहां के आंकड़े भी वैसी ही कहानी बयां कर रहे हैं.

ऐसे ही तमाम पैमानों को आधार बनाकर देश में कोरोना की दूसरी लहर की सटीक भविष्यवाणी करने वाले वैज्ञानिकों ने थर्ड वेव की भविष्यवाणी की है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, मैथमैटिकल मॉडल पर ये भविष्यवाणी IIT हैदराबाद और कानपुर के मधुकुमल्ली विद्यासागर और मनिंद्र अग्रवाल ने की है.

अगस्त के दूसरे-तीसरे हफ्ते में मरीजों की बढ़ सकती है संख्या

उनके मुताबिक इसी महीने यानी अगस्त के दूसरे-तीसरे हफ्ते के बीच ही कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़नी शुरू हो जाएगी. यह तीसरी लहर की शुरुआत होगी, जो अक्टूबर में रोजाना एक से डेढ़ लाख नए मरीजों तक पीक पर पहुंच जाएगी. और इसके लिए भी जिम्मेदार होगा डेल्टा वेरिएंट. कोरोना वायरस का वो रूप, जिसने दूसरी लहर में मौत का तांडव किया. और इसलिए किया, क्योंकि ये एंटीबॉडी को चकमा देने में माहिर है. वही वैरिएंट अब दुनिया के 132 देशों में फैल चुका है और नई लहर की वजह बन रहा है.

डेल्टा वेरिएंट तीसरी लहर के खतरे को और बढ़ा रहा है…लेकिन इस बीच एक राहत देने वाली खबर भी आई है. ICMR यानी इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की स्टडी के मुताबिक कोवैक्सीन वायरस के डेल्टा और डेल्टा प्लस वेरिएंट के खिलाफ प्रभावी है. ये स्टडी वैक्सीन की दोनों डोज लेने वाले, कोरोना से ठीक हो चुके, वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके लोग थे और वैक्सीनेशन के बाद भी संक्रमित हो चुके लोगों पर की गई, जिसमें कोवैक्सीन डेल्टा और डेल्टा प्लस वेरिएंट से लड़ने में कारगर पाई गई.

लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि आप या वैक्सीन लगवा चुके लोग बेफिक्र हो जाएं, क्योंकि वैक्सीन लगने से गंभीर संक्रमण ना होने की गारंटी तो मिल सकती है. लेकिन मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग को ताक पर रखने वालों को वैक्सीन संक्रमण से बचाएगी, इसकी गारंटी नहीं है. इसलिए वैक्सीन लगवाने के बाद भी कोविड प्रोटोकॉल्स का पालन करें. खुद को भी कोरोना से सुरक्षित रखें और अपने परिवार और देश को भी कोरोना की नई लहर से बचाएं.