कामयाबी के ये पल नहीं मुफ़्त में हासिल हुए.. उम्र भर ख़ुद को तपाया तब किसी क़ाबिल हुए... चितरंजन पटेल

कामयाबी के ये पल नहीं मुफ़्त में हासिल हुए.. उम्र भर ख़ुद को तपाया तब किसी क़ाबिल हुए... चितरंजन पटेल

कामयाबी के ये पल नहीं मुफ़्त में हासिल हुए..
उम्र भर ख़ुद को तपाया तब किसी क़ाबिल हुए..

जांजगीर चाम्पा/सक्ति

इन लफ्जों में विद्यार्थियों के लिए आयोजित प्रेरणा परिचर्चा कार्यक्रम के मुख्य अभ्यागत रेना जमील आई ए एस के जीवन पर प्रकाश डालते अधिवक्ता चितरंजय सिंह ने बताया कि रेना जी के उतार चढ़ाव भरी जिंदगी का सफर घर परिवार के सहज साथ मिलने से गुजर गया और आज वह भारतीय प्रशासनिक सेवा के इस आसंदी पर विराजमान हो सकी हैं। 


आज नगर के विभिन्न विद्यालयों से इस परिचर्चा में शामिल विद्यार्थियों से मुख्य अभ्यागत रेना जमील के साथ ही तसलीम आरिफ (अनुविभागीय अधिकारी पुलिस),  शिव कुमार डनसेना (तहसीलदार),  शालू पाहवा (प्राचार्य), भागवताचार्य पं राजेन्द्र शर्मा, वरिष्ठ नेता रामअवतार अग्रवाल, दिगंबर चौबे (अधिवक्ता), अलका जायसवाल (अधिवक्ता), शरद केडिया (बाराद्वार), संजय शर्मा (बाराद्वार), मांगेराम अग्रवाल, अनीस अरमान ने भी मार्गदर्शन किया।


इस अवसर पर विद्यार्थियों ने मुख्य अतिथि रेना जी से प्रत्यक्ष प्रश्न कर अपनी जिज्ञासा शांत किया। साथ ही विद्यार्थियों ने अन्य अभ्यागतों से भी उनसे जुड़े पहलुओं पर बेबाकी से प्रश्न किया तथा सभी ने उनके प्रश्नों को शिद्दत से सुनकर उनका जवाब देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए मंगल कामनाएं व्यक्त किया। 
सक्ती नगर में इस अनूठे आयोजन को लेकर विद्यार्थियों में खासा उत्साह नजर आ रहा था। कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन उच्च न्यायालय के अधिवक्ता चितरंजय सिंह, संचालन हरीश दुबे व आभार प्रदर्शन निरंजन यादव ने किया। आयोजन समिति की ओर से समस्त अभ्यागतों को समृति चिन्ह प्रदान किया गया तो वहीं सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय परिवार की ओर से मुख्य अतिथि रेना जमील को शाल श्रीफल व अभिनंदन पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया।पुलिस विभाग की ओर से 25 छात्र छात्राओं को उनके विशिष्ट प्रतिभाओं के लिए मेडल व प्रशस्ति  पत्र से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर टी पी उपाध्याय, देवाशीष बनर्जी, चूड़ामणि साहु, आदि के साथ विभिन्न विद्यालयों के संचालकों व विद्यालय परिवार की गरिमामय उपस्थिति रही।