विधानसभा अध्यक्ष के गृह जिले का यह थाना क्षेत्र बन रहा जुआ सट्टा अवैध कच्ची शराब तस्करी का गढ़ जिम्मेदार मौन...

विधानसभा अध्यक्ष के गृह जिले का यह थाना क्षेत्र बन रहा जुआ सट्टा अवैध कच्ची शराब तस्करी का गढ़ जिम्मेदार मौन...


जांजगीर चांपा:- जहां एक ओर प्रदेश के मुख्यमंत्री गृह मंत्री जुआ सट्टा अवैध शराब तस्करी पर लगाम लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक को सख्त निर्देश दे चुके हैं. वहीं लगाम नहीं लगा पाने पर ट्रांसफर की बात कहते हैं तो ठीक उसकी दूसरी तरफ विधानसभा अध्यक्ष के गृह जिले जांजगीर चांपा के डभरा क्षेत्र में इन दिनों जुआ सट्टा अवैध कच्ची शराब का कारोबार जमकर चल रहा है. लेकिन इस पर लगाम लगाने के लिए पुलिस विभाग नाकाम साबित हो रहा है. वह क्षेत्र में जुआ सट्टा और अवैध कच्ची शराब के चपेट में ग्रामीण फंसते जा रहे हैं और अपनी गाढ़ी कमाई लुटा रहे हैं तो दूसरी ओर समाज के दुश्मन फल फूल रहे हैं. लेकिन मजाल है कि थानेदार साहब इन समाज के दुश्मनों के ऊपर कोई कार्यवाही कर दें.


दरअसल में जिले से डभरा थाना क्षेत्र अंतिम छोर में स्थित  कंपनियों  के आस पास के खेत खलिहानों में जमकर जुआ खेला जा रहा है वका दा दूसरे जिले से आना वालों के लिए आव भगत भी  की जाती है बाकायदा बकरा दारू पार्टी भी की जाती लेकिन इसकी भनक पुलिस को भी रही है या भनक होगी थी तो कार्यवाही करने से बचते नजर आ रहे है , सूत्रों से मेरी जानकारी के अनुसार यहां पर जुआ का फण लाखो का होता है, लेकिन वो शिफाली बाती है कि लाखों का जुआ क्षेत्र में चल रहा है लेकिन मामले की जानकारी थानेदार को भी नहीं या है तो कार्यवाही क्यो नहीं, यह तो बात ही जुए की जो थाने से करीब 20 - 30 किलोमीटर की दूरी पर संचालित हो रहा है , लेकिन थाने से महज 1 किलोमीटर से 5 किलोमीटर के दूर पर चल रहे सट्टे के कारोबार पर भी डभरा पुलिस लगाम लगाने पर नाकाम से  साबित हो रहे है और यह सट्टे का कारोबार अब गांव गांव तक पहुंच रहा है, अवैध शराब तो क्षेत्र के हर गांव में खुलेआम बिक रहा है कार्यवाही के नाम पर खाना पूर्ति ही की जा रही है, पर जुआ सट्टा कच्ची शराब के चपेट में क्षेत्र के ग्रामीण आ रहे हैं. लेकिन मजाल है कि कोई इन तीन अवैध धंधे पर बड़ी कार्यवाही करते.


सवाल उठना भी लाजमी है कि इन तीन अवैध धंधे का कारोबार दिनों दिन बढ़ रहा है, लेकिन कारवाही हो क्यों नहीं गई क्या पुलिस को मामले की जानकारी नहीं है और अगर है तो आखिर कार्यवाही अब तक क्यों नहीं??