छत्तीसगढ़ सरकार की पर्यटन नीति से पर्यटको और निवेशकों के लिए असीम संभावनाएं: पर्यटन मंडल अध्यक्ष अटल

छत्तीसगढ़ सरकार की पर्यटन नीति से पर्यटको और निवेशकों के लिए असीम संभावनाएं: पर्यटन मंडल अध्यक्ष अटल

नई दिल्ली/ बिलासपुर। छत्तीसगढ़ को प्रकृति ने अनुपम उपहार दिया है। कहा जा सकता है कि 'प्रकृति का गढ़ छत्तीसगढ़' प्रदेश में पर्यटन की दृष्टि से देखें तो पर्यटकों और निवेशकों के लिए की असीम संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में पर्यटन को लेकर काफी काम किए जा रहे हैं। इन्हीं सभी बातों को लेकर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष अटल श्रीवास्तव नई दिल्ली में आयोजित हिंदुस्तान टाइम्स के पर्यटन कॉन्क्लेव में पहुंचे। जिसमें पर्यटन मंडल के अध्यक्ष अटल छत्तीसगढ़ में पर्यटन व विकास को राष्ट्रीय मानचित्र पर स्थापित करने की योजना व संभावना पर प्रकाश डाला। 

 टूरिज्म कॉन्क्लेव छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करते हुए अटल श्रीवास्तव ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश पर्यटन की दृष्टि से समृद्ध है। उन्होंने प्रदेश की भौगोलिक स्थिति और इसी के अनुसार पर्यटन के स्तर पर हो रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने छत्तीसगढ़ को कौशल प्रदेश कहते हुए भगवान श्रीराम का भी जिक्र किया और कहा की रामजी का ननिहाल छत्तीसगढ़ का था। इतिहास बताता है कि रामजी ने 14 वर्ष के वनवास में 10 वर्ष छत्तीसगढ़ में बिताए और उस तरह से छत्तीसगढ़िया संस्कृति में राम रचे बसे हैं।

इसी कारण मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के ड्रीम प्रोजेक्ट राम वन  गमन पथ को बढ़ावा दे रहे हैं। इस प्रोजेक्ट के बारे में बताया की राम वन गमन पथ को 2260 किलोमीटर में इसे विकसित किया जा रहा है और इस परियोजना में 178 करोड रुपए का काम चल रहा है। इसमें सीतामढ़ी, शिवरीनारायण, तुरतुरिया, चंद्रखुरी, सिहावा, रामाराम(दंतेवाड़ा) जैसे 9 पॉइंट बनाए गए हैं, जिसका विकास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ऑर्गेनिक स्टेट है और तेजी से जैविक फसल उत्पादन को लेकर भी कार्य किए जा रहे हैं।

छत्तीसगढ़ के जशपुर में चाय के बागान विकसित किए गए हैं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसको लेकर टी बोर्ड का भी गठन कर दिया है। इस पर भी तेजी से काम चल रहा है। अटल श्रीवास्तव ने ट्राइबल टूरिज्म को लेकर भी प्रदेश सरकार का विजन बताया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में 32% ट्राइबल है, साथ ही 44% फॉरेस्ट लैंड है।  उन्होंने एथनिक रिसोर्ट पर भी प्रकाश डाला । इस दौरान अटल श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में सरकार के कामों को गिनाते हुए नरवा गरवा घुरवा बारी योजना पर भी प्रकाश डाला और प्रदेश में गोठानों के माध्यम से किस तरह महिलाओं को आजीविका उपलब्ध कराई जा रही है, उस पर भी चर्चा की।

उन्होंने एडवेंचर सपोर्ट पर भी प्रकाश डाला कि सरकार ने बांगो में वाटर स्पोर्ट की व्यवस्था की है। साथ ही गंगरेल प्रोजेक्ट और सतरंगा में क्रूज चलाने को लेकर भी जानकारी दी। छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करने पहुंचे अटल श्रीवास्तव ने छत्तीसगढ़ के ट्राइबल आर्ट्स के बारे में कहा कि सरकार बस्तर आर्ट के साथ-साथ एक नए मरवाही आर्ट को भी बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है। अटल श्रीवास्तव ने छत्तीसगढ़ के खानपान को लेकर भी समृद्धि के बारे में बताते हुए गढ़ कलेवा का जिक्र किया और बताया कि कैसे सरकार द्वारा इसके माध्यम से छत्तीसगढ़िया खानपान, संस्कृति  बढ़ावा मिल रहा है।