शराब पीते हैं तो समझ लीजिए… जब एक पेग अंदर जाता है तो शरीर में क्या क्या खेल करता है

शराब पीते हैं तो समझ लीजिए… जब एक पेग अंदर जाता है तो शरीर में क्या क्या खेल करता है

जैसे ही शराब का एक घूंट पीते हैं वो आपके अंदर जाते ही शरीर पर असर डालने लगता है. एल्कोहल सबसे पहले पेट में गैस्ट्रिक एसिड बनाता है और पेट की म्यूकस लाइन में सूजन पैदा करता है.शराब पीने से लीवर पर काफी असर पड़ता है और लीवर अपना काम ठीक से नहीं कर पाता.

जब भी कोई शराब पीता है तो कुछ देर तो कुछ नहीं होता, लेकिन थोड़ी बार उस शख्स की आवाज में बदलाव होने लगता है. थोड़ी देर बार चलने में भी मुश्किल होने लगती है और वो शरीर से कंट्रोल खो देता है. कभी आपने सोचा है कि आखिर ऐसा क्यों होता है और क्यों थोड़ी देर बाद शराब असर दिखाना शुरू कर देती है. ऐसे में जानते हैं कि शराब जब आपके शरीर में जाती है तो क्या क्या असर दिखाती है और साथ ही जानेंगे कि आखिर शराब का शरीर में क्या असर होता है….


जैसे ही शराब का एक घूंट पीते हैं वो आपके अंदर जाते ही शरीर पर असर डालने लगता है. एल्कोहल सबसे पहले पेट में गैस्ट्रिक एसिड बनाता है और पेट की म्यूकस लाइन में सूजन पैदा करता है. इसके बाद आंतें एल्कोहल सोखती हैं और उसके बाद ये विंग के जरिए लीवर तक पहुंचता है. लिवर बहुत ही करीब होता है, ऐसे में इस बात की संभावना ज्यादा होती है कि यह पेट से सीधे लिवर में पहुंच जाता है.


डीडब्ल्यू की रिपोर्ट के अनुसार, इसके बाद लीवर बहुत सारे एल्कोहल को नष्ट कर देता है और शरीर पर होने वाले इस प्रभावों को कम कर देता है. लेकिन, जिन तत्वों को लीवर तोड़ नहीं पाता है, वो सीधे दिमाग तक पहुंच जाते हैं. ऐसे में कुछ ही मिनटों में आप शरीर के पैक का असर मस्तिष्क होने लगता है. एल्कोहल केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है. इसके बाद तंत्रिका तंत्र के कनेक्शन को तोड़ता है, जिसके बाद ये कोशिकाएं बहुत सुस्ती काम करना शुरू कर देती है. फिर मस्तिष्क खुद इस परिस्थिति से निपट नहीं पाता है. एल्कोहल मस्तिष्क के सेंटर पार्ट भी भी हमला कर देता है, जिसके बाद व्यक्ति खुद पर कंट्रोल खो देता है.

बता दें कि शराब पीने से लीवर पर काफी असर पड़ता है और लीवर अपना काम ठीक से नहीं कर पाता. खास बात ये है कि लीवर में दर्द नहीं होता है और शराबी को पता नहीं लगता है कि उन्हें क्या दिक्कत है. इसका पता तभी लगता है, जब वो जांच के लिए डॉक्टर के पास जाते हैं. इसलिए ज्यादा एल्कोहल पीने वाले लोगों को ऐसी जांच करवानी चाहिए.


शराब छोड़ने के बाद क्या होता है?


शराब का नशा सबसे पहले सेरेब्रम से उतरता है, जो दिमाग का एक हिस्सा है. यह हिस्सा ही शरीर के चलने और बोलने पर नियंत्रण करता है और 8-10 घंटे बाद यहां से असर कम होता है. इसके बाद व्यक्ति सही से बोलने लगता है. वैसे शराब पीने के करीब दो दिन बाद मस्तिष्क पहले से काम करने लगता है. लंबे समय तक शराब पीने के बाद भी एक से दो महीने के बाद पेट भी सही से काम करने लग जाता है. वहीं, लीवर को स्वस्थ होने में टाइम लगता है और शराब छोड़ने के बाद लीवर थोड़ी ठीक होता है, लेकिन पहले जैसा नहीं हो पाता है.