अचानकमार टाइगर रिजर्व के अधिकारियों के पास ऐसी कौन सी जादू की छड़ी है जिसके जरिये वो निर्धारित शासकीय दर से 80 से 90 प्रतिशत कम में काम कराएंगे

अचानकमार टाइगर रिजर्व के अधिकारियों के पास ऐसी कौन सी जादू की छड़ी है जिसके जरिये वो निर्धारित शासकीय दर से 80 से 90 प्रतिशत कम में काम कराएंगे

मुंगेली-अपनी कारगुजारियों को लेकर सुर्खियों में रहने वाला अचानकमार टाइगर रिज़र्व एक बार फिर सुर्खियों में है।इस बार सुर्खियों की वजह बना है एटीआर में होने वाले निर्माण कार्यों के लिए आमंत्रित निविदा मे सरकारी दरों से 80 से 90 फीसदी कम दरों के टेंडर को स्वीकृति प्रदान करना। अचानकमार टाइगर रिजर्व में मिट्टी खुदाई हेतु जेसीबी एवं ट्रैक्टर की निविदा आमंत्रित की गयी थी,जिसमे जेसीबी की खुदाई एवं परिवहन की सरकारी कीमत 154.70 पैसे निर्धारित की गई थी जिसमे 80 प्रतिशत कम 29.49 पैसे की निविदा में न्यूनतम राशि भरी गयी है,इसी प्रकार ट्रेक्टर (समतलीकरण)में भी 80 प्रतिशत कम 210 रुपये, ट्रेक्टर (परिवहन) में 0-5 (किमी),5–10(किमी),10-15(किमी) में भी क्रमशः 45,79,89 रुपये की न्यूनतम राशि भरी गई है जोकि निर्धारित दर से 90 प्रतिशत कम है।

शासकीय दर से इतने कम प्रतिशत में भरे गए निविदा को स्वीकृति मिलना कई गम्भीर सवाल खड़े कर रहा है।जिसमे सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि शासकीय दर का निर्धारण विशेषज्ञों के द्वारा होता है।जिसमे 20 से 25 प्रतिशत राशि कम या ज्यादा हो सकती है लेकिन इतना भारी अंतर के निविदा की स्वीकृति शासकीय दर निर्धारकों के सामने चुनौती पेश कर रहे है।सीधे शब्दों में कहें तो ठेकेदार शासकीय निर्धारित दर से 80 से 90 फीसदी कम दर पर काम करने को तैयार है।

जिस प्रकार अचानकमार टाइगर रिजर्व के अधिकारियों के द्वारा इतने कम दर में जेसीबी और ट्रैक्टर की निविदा को स्वीकृति प्रदान की गई है उससे तो ऐसा प्रतीत होता है कि अचानकमार टाइगर रिजर्व के सालाना बजट से काफी राशि को बचाया जा सकता है। अगर अनुमान लगाए की जो दर शासन द्वारा निर्धारित की गई थी 154.70 की तो अगर एक तालाब की खुदाई और परिवहन में करीब 5000 घन मीटर का काम होता है उसमें जेसीबी ट्रैक्टर की लागत करीब 773000 होती वही अगर वर्तमान में हुए निविदा की दर में अनुमान लगाए तो 29.49 की दर में 5000 घन मीटर का 147000 की लागत अति है ऐसे में शासन की काफी अधिक राशि का बचत कराया जा सकता है। लेकिन देखना यह होगा कि आगामी दिनों में अचानकमार टाइगर रिजर्व के अंदर होने वाले कार्यो का भुगतान इसी दर में होता है या फिर ठेकेदार से मिलीभगत करके अचानकमार के अधिकारी शासन को चुना लगते है।

वहीं कम दर में हुए निविदा की जानकारी लेने के लिए अचानकमार टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर सत्यदेव शर्मा और एसडीओ संजय लूथर से फोन में सम्पर्क करने की कोशिश की गई लेकिन इन जिम्मेदार अधिकारियों ने फोन रिसीव नही किया।