बस्तर के निर्दोष फर्जी मुठभेड़ में मारे गए आदिवासियों को अब तक मुआवजा क्यों नहीं...

बस्तर के निर्दोष फर्जी मुठभेड़ में मारे गए  आदिवासियों को अब तक मुआवजा क्यों नहीं...

बीजापुर :- एड्समेटा में 17 मई 2013 को पुलिस जवानों द्वारा किए गए नरसंहार और उस पर आई न्यायिक जांच रिपोर्ट के फैसले पर साथी सरकेगुड़ा , सिलगेर और बस्तर में हो रहा नरसंहार  के विरोध में दो दिवसीय सभा रैली एवं धरना प्रदर्शन।

मूलवासी बचाओ मंच के बैनर तले 3 जिले सुकमा बीजापुर और दंतेवाड़ा के लगभग 5000 ग्रामीण हुए इकट्ठे।

बस्तर संभाग जेल बंदी रिहाई समिति ने भी मूलनिवासी बचाओ मंच को दिया अपना समर्थन।

आदिवासी समाज सेविका सोनी सोरी भी रही मौजूद।


प्रमुख मांगे---

एड्स मिटाने शहर में चार नाबालिग को सहित आठ लोगों की मौत हुई थी जिसकी जस्टिस वीके अग्रवाल कमेटी ने न्यायिक जांच कर अपना फैसला सुनाया कि मारे गए लोग नक्सली नहीं थे। पूरे 8 लोग आम ग्रामीण थे जो कि 17 मई 2013 को बीज त्यौहार मना रहे थे।पुलिस जवानों की गलत धारणा और घबराहट के चलते यह घटना घटित हुई है।न्यायिक जांच रिपोर्ट के अनुसार पूरे मुठभेड़ फर्जी थी और इस फर्जी मुठभेड़ के दोषियों पर कार्रवाई हो।


एड्समेटा के साथ-साथ सरकेगुड़ा और सिलगेर के दोषियों पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए और पीड़ित परिजनों को सरकारी मुआवजा मृतकों को एक करोड़ और घायलों को 50-50 लाख रुपए दिया जाना चाहिए।

बस्तर में पूर्व  हुए नरसंहार को न्याय दिया जाए।इस तरह के नरसंहार पर तत्काल रोक लगाया जाए और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई कर फांसी की सजा दी जाए।

बस्तर के सभी वर्गों  के आम नागरिकों को नक्सलियों के नाम पर परेशान करना बंद करें।

सरकार खुले मंच पर वार्ता करें और जनता के साथ न्याय करे।

ग्रामीणों ने बताया यूपी में जाकर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मृतक किसानों को मुआवजा दिए लेकिन छत्तीसगढ़ के बस्तर के निर्दोष फर्जी मुठभेड़ में मारे गए  आदिवासियों को अब तक मुआवजा क्यों नहीं दिया जा रहा है