Covid-19: भारत, चीन समेत 4 देश के वैज्ञानिक मिलकर करेंगे जीनोम सीक्वेंसिंग, वायरस के प्रसार और म्यूटेशन का लगेगा पता

हाल ही में केंद्र सरकार ने यह भी बताया था कि BRICS के चार देश भारत, रूस, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के वैज्ञानिक कोविड-19 के खिलाफ दवा विकसित करने के लिए साथ मिलकर रिसर्च करेंगे.

Covid-19: भारत, चीन समेत 4 देश के वैज्ञानिक मिलकर करेंगे जीनोम सीक्वेंसिंग, वायरस के प्रसार और म्यूटेशन का लगेगा पता
प्रतीकात्मक तस्वीर। (फाइल फोटो)

भारतीय वैज्ञानिक अब चीन, रूस और ब्राजील के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर कोरोना वायरस की जीनोम सीक्वेंसिंग करेंगे और साथ ही इस महामारी के गणितीय मॉडलिंग पर भी स्टडी करेंगे. विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि इससे वायरस के जेनेटिक म्यूटेशन और पुनर्संयोजन के साथ-साथ इसके फैलने की स्थिति के बारे में अनुमान भी लगाया जा सकेगा. जीनोम सीक्वेंसिंग के जरिए वायरस के नए वेरिएंट, महामारी के साथ उनके संबंधों और वायरस के प्रसार का पता लगाया जाता है.

मंत्रालय ने कहा कि वायरस के प्रसार का आकलन करने के लिए गणितीय मॉडल की जरूरत पड़ती है. इसको ध्यान में रखते हुए अलग-अलग बैकग्राउंड के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की विशेषज्ञता को एक साथ करते हुए रिसर्च प्लान बनाया गया है. इस रिसर्च के तहत, भारत और ब्राजील के वैज्ञानिक दूषित जल आधारित महामारी विज्ञान (WBE) निगरानी के लिए मेटाजेनोम विश्लेषण के जरिए पर्यावरणीय सैंपल में कोरोना वायरस के वितरण का आकलन करेंगे.

इसके अलावा चीनी और रूसी वैज्ञानिक सांस से जुड़े रोगों के लक्षण वाले मरीजों से ली गई जैविक सामग्री (नासोफेरींजल स्वैब) में वायरस की आरटी-पीसीआर पहचान करेंगे और जीनोमिक परिवर्तन, तुलनात्मक जीनोमिक्स और फाइलोजेनेटिक विश्लेषण की जांच करेंगे. इस रिसर्च के लिए भारत, चीन, रूस और ब्राजील के जीनोमिक, मेटाजीनोमिक और महामारी विज्ञान के आंकड़ों को इकट्ठा किया जाएगा. यह वायरस के प्रसार के तरीकों और उसकी गतिशीलता का पता लगाने में मदद कर सकता है.

कोविड दवा पर भी मिलकर रिसर्च करेंगे BRICS देश

इस रिसर्च में जवाहरलाल नेहरू प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय हैदराबाद की प्रोफेसर डॉ सी शशिकला, इंस्टीट्यूट ऑफ माइक्रोबायोलॉजी, चीनी विज्ञान अकादमी, बीजिंग के प्रोफेस सीनियर इंजीनियर युहुआ शिन, फेडरल रिसर्च सेंटर ऑफ फंडामेंटल एंड ट्रांसलेशनल मेडिसिन, टिमकोवा, रूस के सीनियर रिसर्चर इवान सोबोलेव, रेस्पिरेटरी वायरस एंड मीजल्स लेबोरेटरी, ओसवाल्डो क्रूज़ इंस्टीट्यूट, ब्राजील की डॉ मारिल्डा मेंडोंका सिकीरा शामिल होंगे.

हाल ही में केंद्र सरकार ने यह भी बताया था कि BRICS के चार देश भारत, रूस, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के वैज्ञानिक कोविड-19 के खिलाफ दवा विकसित करने के लिए साथ मिलकर रिसर्च करेंगे. विज्ञान मंत्रालय ने कहा था कि चूंकि दवा की खोज एक जटिल प्रक्रिया है, इसलिए जैव सूचना विज्ञान, कार्बनिक रसायन विज्ञान, औषधीय रसायन विज्ञान, ड्रग स्क्रीनिंग और पैरासिटोलॉजिस्ट के विशेषज्ञों का सहयोगात्मक प्रयास कोविड-19 के खिलाफ नई प्रभावकारी उपयुक्त दवाओं की खोज के लिए बहुत महत्वपूर्ण होगा.