International Day of Sport for Development and Peace: अंतरराष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर खिलाड़ियों ने अपने खेल उपकरण के साथ मैदान की पूजा कर खेल की शुरुआत की

International Day of Sport for Development and Peace: अंतरराष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर खिलाड़ियों ने अपने खेल उपकरण के साथ मैदान की पूजा कर खेल की शुरुआत की

International Day of Sport for Development and Peace: अंतरराष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर खिलाड़ियों ने अपने खेल उपकरण के साथ मैदान की पूजा कर खेल की शुरुआत की


समाज में खेल की भूमिका एवं योगदान को बढ़ावा देने के लिए विश्व भर में विकास और शांति हेतु अंतरराष्ट्रीय खेल दिवस मनाया जाता है।इसी कडी में आज कान्हा क्लब के कोच एवं खिलाड़ियों ने सुबह खेल परिसर एवं खेल उपकरण की पूजा अर्चना कर खेल की शुरुआत की

संयुक्त राष्ट्र संघ ने 23 अगस्त, 2013 को प्रतिवर्ष 06 अप्रैल को ‘अंतरराष्ट्रीय खेल दिवस’ के रूप में मनाये जाने का घोषित किया और दुनिया के विभिन्न देशों ने इस दिन अंतरराष्ट्रीय खेल दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा।

भारत में खेल

वैसे तो राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय में विभिन्न प्रकार के खेले जाते है। इनमें से कुछ प्रमुख खेल भी है जैसे क्रिकेट, हॉकी, वालीबाल फुटबाल, कबड्डी, टेबल टेनिस, खो-खो, गॉल्फ़, बिलियर्ड्स, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, फ़ॉर्मूला वन रेस, तैराकी, शतरंज आदि पुरे दुनिया भर में अधिक खेले जाने वाला खेल है।


विकास और शांति हेतु अंतरराष्ट्रीय खेल दिवस का उद्देश्य –

इस दिवस का उद्देश्य समाज में खेल की भूमिका एवं योगदान को बढ़ावा देना है। अंतरराष्ट्रीय, क्षेत्रीय, राष्ट्रीय खेल और विकास संगठनों द्वारा समाज में खेल की भूमिका व योगदान हेतु यह दिन प्रत्येक वर्ष विश्व स्तर पर मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य लोगों के अंदर खेल के प्रति जागरकता एवं खेल के लिए अच्छी भावना लाना है। साथ ही लोग सभी खेल को एक जैसे सम्मान दे और खेल में निस्वार्थ भाव से खेले जाने का अपील करना इस दिवस का उद्देश्य हैं।


वालीबाल कोच जी॰डी॰ उपासने ने कहा

खेल से जीवन में आगे बढ़ने और अनुशासन की मिलती है प्रेरणा

छात्रों के जीवन में खेलों का विशेष महत्व है। इसलिए हमें अपने बच्चों को खेलों के प्रति जागरूक करना चाहिए। क्योंकि खेलों से हमारा शारीरिक विकास तो होता ही है साथ में छात्रों में आपसी भाईचारा भी बढ़ता है। उक्त शब्द कान्हा क्लब के आयोजित कार्यक्रम के अवसर पर खिलाड़ियों व लोगों को संबोधित करते हुए कहे। उन्होंने कहा कि हमारे जीवन में जितना जरूरी शिक्षित होना है उतना ही जरूरी हमारे जीवन में खेल भी है। क्योंकि हम खेलों के माध्यम से भी अपने कैरियर को अनेक ऊंचाईयो तक ले जाकर अपने माता पिता व देश का नाम रोशन कर सकते है।

सीनियर खिलाड़ी इमरान मेमन ने कहा

खिलाड़ी कभी हारता नहीं है

बच्चों को संबोधित करते हुए कहा है कि खेल जीवन का एक अभिन्न अंग है। खेल हमें अनुशासन सिखाता है और अनुशासन से हमें जीवन के लक्ष्यों की प्राप्ति होती है। खेल तंदुरुस्ती बनाए रखने के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण हैं। इतना ही नहीं अलग-अलग प्रकार के खेल हमें जीवन जीने का तरीका भी सिखाते हैं। खेल खेलने से हमारी अच्छी तरह से एक्सरसाइज होती है। खेलना ना केवल शारीरिक रूप से हमारे लिए अच्छा होता है, बल्कि मानसिक रूप से भी अच्छा होता है। खेल खेलने से हमारी मानसिक एकाग्रता भी बढ़ती है। नियमित रूप से खेलना एक व्यक्ति को कई रोगों से मुक्त करता है। खेल का तात्पर्य न केवल शारीरिक व्यायाम है, बल्कि यह छात्रों के लिए एकाग्रता बढ़ाने का काम भी करता है,खेल में खेल, टीम भावना के साथ अनुशासन भी जरूरी है।

खिलाड़ी रहे उपस्थित कोच जीडी उपासने वालीबाल कोच सूरज महाडिक कोच विजय कश्यप एवं विकाश रोहरा प्रकास सरवैय्या छगन यादव प्रीत सोनी रमन साहू ललित साहू जीतूँ सेन इमरान मेमन अख़्तर खान जयमूनी बगरती कादर खान हेमशिखर धुर्व आशीष सपहा मनोज भगत गुनचु प्रहलाद यादव होरी यादव लच्छी यादव संतोष यादव जगदिस काटके जगदीश यादव नरेंद्र साहू सूरज सिन्हा अनुराग केला दीपक सिन्हा वैभव ठक्कर सिनु ठाकुर बाबू भोंसले इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया