कहते है न जब इंसानों को जानवरों से प्रेम हो जाये तो वो इंसानों से मोह छोड़ वन्य प्राणियों से प्रेम करना शुरू कर देता है ,और वन्य जीवों को बचाने के लिए खुद ही जंगलों में वन्य प्राणियों की वेस भूसा धारण कर,पढे हमारी खास खबर..... 

कहते है न जब इंसानों को जानवरों से प्रेम हो जाये तो वो इंसानों से मोह छोड़ वन्य प्राणियों से प्रेम करना शुरू कर देता है ,और वन्य जीवों को बचाने के लिए खुद ही जंगलों में वन्य प्राणियों की वेस भूसा धारण कर,पढे हमारी खास खबर..... 

डौंडी(बालोद) 

इंसानों को जानवरों से प्यार हो जाये तो वो जानवरों को संरक्षित रखने के लिए खुद ही जानवरों की वेस भूसा धारण करके मजबूर हो जाते है और जंगलों में नदि नालों में उतर कर जानवरों को संरक्षित रखने संकल्प लेते हुए आम जन से अपील करते है कि वन्य प्राणियों को बचाने में अपनी सहभागिता दे ।

कहते है न जब इंसानों को जानवरों से प्रेम हो जाये तो वो इंसानों से मोह छोड़ वन्य प्राणियों से प्रेम करना सुरू कर देता है ,और वन्य जीवों को बचाने के लिए खुद ही जंगलों में वन्य प्राणियों की वेस भूसा धारण कर 
लोगो अपील करते है कि लोग वन्य प्राणियों के रहने वाले जंगलो को न काटे ताकि वे जंगलो में ही रहे और सुरक्षित रहे ।

आज बिगड़ती स्थिति मनुष्य के स्वार्थ को दर्शाती है क्योंकि वे नए पेड़ लगाकर उन्हें फिर से जीवंत करने के लिए कदम न उठाते हुए जंगलों को लगातार काट रहे हैं ।

हालांकि मनुष्य के लालच ने उन्हें लकड़ी को जलाकर कोयला बनाने के लिए और पेड़ों को काटने या खेतों, आवासीय, वाणिज्यिक प्रयोजनों के लिए भूमि प्राप्त करने के अलावा विभिन्न रूपों में वस्तुओं का उपयोग करने के लिए उन्हें अग्रसर किया है 

जिसको लेकर अब दल्लीराजहरा निवासी ग्रीन कमांडो वीरेंद्र सिंह ने मुहीम छेड़ी है,वे अपने दोस्तों के साथ मिलकर वन्यजीव भालू, बन्दर, मोर, हिरण की वेषभूषा धरना कर लोगो से उन्हें संरक्षित रखने की अपील कर रहे है ।

कमांडो वीरेंद्र सिंह कहते है कि ए प्रयास है कि कैसे वन्य जीवों और इंसानों के साथ बेहतर ताल में बनाया जा सके ताकि दोनों अपने अपने सीमावो में रहकर एक दूसरे के साथ बेहतर ताल मेल स्थापित कर सके।

आपको बता दे कि पर्यावरण प्रेमी ग्रीन कमांडो वीरेंद्र सिंह अब अब तक पर्यावरण और वन्य प्राणियों को संरक्षित रखने के दृष्टिकोण से अपने वेतन के आधे पैसों से हजारों पेड़ लगा चुके है और आस पास के लोगो से भी हजारों पेड़ लगवा चुके है।

जिसकी चर्चा पूरे जिले के साथ साथ प्रदेश में भी ग्रीन कमांडो वीरेंद्र सिंह को वाटर हीरो भारत सरकार द्वारा पुरुस्कार ,इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड में भी विरेंद्र सिंह ने अपना दर्ज करवा लिया है ।